Janakpuri Bike Accident: दिल्ली के जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए एक खुले और बिना सुरक्षा के गड्ढे में गिरकर एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान कमल (करीब 25 वर्ष) के रूप में हुई है जो कैलाशपुरी का निवासी था और HDFC बैंक में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत था। वह रोहिणी स्थित अपने ऑफिस से देर रात बाइक से घर लौट रहा था लेकिन रास्ते में अंधेरे में गड्ढे का पता नहीं चला और वह बाइक समेत उसमें गिर गया। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
परिवार ने मीडिया को बताया कि कमल तय समय पर घर नहीं पहुंचा तो वे चिंतित हो गए और तलाश शुरू की। रात भर उन्होंने जनकपुरी, रोहिणी, सागरपुर, विकासपुरी, मंगोलपुर समेत 7-8 थानों के चक्कर काटे लेकिन पुलिस ने गुमशुदगी की शिकायत गंभीरता से नहीं ली। आरोप है कि पुलिस ने कहा ’24 घंटे पूरे होने पर ही रिपोर्ट दर्ज होगी’ और मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर सिर्फ ‘200 मीटर के एरिया में है, ढूंढ लो’ जैसी बात कही। सुबह करीब 7:30 बजे पुलिस का फोन आया कि कमल का शव गड्ढे में मिला है।
परिजनों का दावा है कि कमल रात भर गड्ढे में तड़पता रहा, लेकिन कोई मदद नहीं पहुंची। कुछ चश्मदीदों ने भी पुलिस की कहानी पर सवाल उठाए हैं कि सुबह अचानक शव कैसे मिला। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड के पाइपलाइन या निर्माण कार्य के लिए खोदा गया था लेकिन आसपास न बैरिकेडिंग थी न चेतावनी बोर्ड और न ही पर्याप्त रोशनी। हादसे के बाद इलाके में आनन-फानन में सुरक्षा व्यवस्था की गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है और पोस्टमॉर्टम के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही है।
परिवार जल बोर्ड की लापरवाही को मुख्य जिम्मेदार मान रहा है और न्याय की मांग कर रहा है। इस घटना पर आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि ‘एक मासूम बाइक सवार गहरे गड्ढे में गिरकर फंस गया, रात भर पड़ा रहा और मर गया। नोएडा की घटना से दिल्ली की भाजपा सरकार ने कुछ नहीं सीखा, बस रोज झूठ बोला जाता है।’ यह मामला हाल ही में ग्रेटर नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की गड्ढे में गिरकर मौत की याद दिलाता है जहां भी प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई थी।










