ईरान-इजराइल जंग: इटली ने अमेरिकी विमानों को मिलिट्री बेस इस्तेमाल करने से रोका, रूस बोला – अमेरिका और इजराइल नहीं चाहते शांति

March 31, 2026 8:06 PM
Iran-Israel War

लेंस डेस्क। ईरान-इजराइल जंग (Iran-Israel War) की वजह से मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच एक बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। इटली ने अमेरिका को अपने सिगोनेला मिलिट्री बेस का इस्तेमाल करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। यह बेस सिसिली द्वीप पर स्थित है और यहां अमेरिकी विमान उतरना चाहते थे, लेकिन इटली ने इसकी इजाजत नहीं दी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के कुछ बॉम्बर विमान इस बेस पर उतरकर आगे मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ना चाहते थे। हालांकि इटली को इस ऑपरेशन की पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई थी। बताया जा रहा है कि अमेरिका ने न तो इटली से आधिकारिक अनुमति मांगी और न ही वहां के सैन्य अधिकारियों को इसकी सूचना दी।

इससे पहले स्पेन भी इसी तरह का कदम उठा चुका है। स्पेन ने ईरान से जुड़े सैन्य अभियान में शामिल अमेरिकी विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था।

इस बीच सर्गेई लावरोव ने अमेरिका और इजराइल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देश ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच सामान्य संबंध नहीं बनने देना चाहते।

लावरोव के मुताबिक, क्षेत्र में ‘रेजीम चेंज’ की चर्चा के पीछे असली मकसद तेल और गैस संसाधनों पर नियंत्रण हासिल करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो यह संकट पूरे क्षेत्र को एक बड़े संघर्ष में बदल सकता है।

अमेरिका ने इस्फहान में हथियार डिपो पर किया हमला

तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के इस्फहान शहर में एक बड़े हथियार डिपो पर एयरस्ट्राइक की है। द वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला सोमवार रात को किया गया।

बताया गया है कि हमले में 2000 पाउंड के बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया, जो खास तौर पर मजबूत और भूमिगत ठिकानों को नष्ट करने के लिए बनाए जाते हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक इस डिपो में बड़ी मात्रा में हथियार और सैन्य सामग्री रखी गई थी।

हमले के बाद डिपो में रखे हथियारों में लगातार विस्फोट होते रहे, जिससे इलाके में कई धमाके सुनाई दिए और आसमान में आग के बड़े गुबार उठते देखे गए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर इस हमले से जुड़ा एक वीडियो साझा किया है।

गजा में UNRWA के 390 से ज्यादा कर्मचारियों की मौत

इसी बीच गाजा में संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी UNRWA के 390 से अधिक कर्मचारियों की मौत की खबर सामने आई है। एजेंसी के प्रमुख फिलिप लाजारिनी ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की मौत बेहद गंभीर मामला है और इसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।

UNRWA गाजा में मानवीय सहायता देने वाली सबसे बड़ी संस्था है, जो वहां लोगों को भोजन, इलाज और अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराती है।

इस बीच रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका ईरान के समृद्ध यूरेनियम को अपने कब्जे में लेने की योजना बना रहा है। बताया जा रहा है कि ईरान के पास करीब 400 किलोग्राम एनरिच्ड यूरेनियम है, जिसका इस्तेमाल परमाणु बम बनाने में किया जा सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अगर बातचीत से समाधान नहीं निकला तो अमेरिका जमीनी कार्रवाई पर भी विचार कर सकता है। इसी के तहत मिडिल ईस्ट में करीब 10 हजार अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक भेजने की तैयारी भी की जा रही है।

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