ओमान के पास एक और भारतीय क्रू वाले जहाज पर हमला, कल हुए हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि

Iran-America War : ओमान के शिनास बंदरगाह के पास गुरुवार को एक और जहाज पर हमला होने की खबर है। हमले का शिकार हुआ जहाज MT जलवीर है, जिसमें 20 भारतीय नागरिक क्रू मेंबर्स के रूप में सवार हैं। उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

भारतीय दूतावास ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और पूरे मामले पर नजर रखे हुए है। फिलहाल क्रू सदस्यों की स्थिति के बारे में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

तीन दिन में दो जहाजों पर हमले

यह तीसरे दिन का दूसरा हमला है जिसमें भारतीय नाविक शामिल हैं:

8 जून: MT मैरीवेक्स पर हमला हुआ। इसमें 28 नाविक थे, जिनमें 24 भारतीय थे। भारतीय तटरक्षक बल और ओमान की एजेंसियों ने मिलकर सभी को सुरक्षित निकाल लिया था।
10 जून: MT सेट्टेबेल्लो पर हमला हुआ। इस पलाऊ झंडे वाले जहाज पर 24 क्रू मेंबर्स थे। इसमें 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई।

तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने MT सेट्टेबेल्लो वाले हमले पर दुख व्यक्त करते हुए तीनों भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि की। मारे गए नाविकों के नाम आदित्य शर्मा, शिवानंद चौरसिया, पटनाला सुरेश है।

मंत्री ने कहा, ‘यह पूरे भारतीय समुद्री समुदाय के लिए बहुत बड़ी क्षति है।’ सरकार मृतकों के परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी। बचाए गए नाविकों को जल्द भारत लाया जाएगा और शहीदों के शव भी परिवारों को सौंपे जाएंगे।

विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और अमेरिका के दूतावास के समक्ष औपचारिक विरोध दर्ज कराया गया है। फिलहाल भारतीय दूतावास MT जलवीर पर सवार 20 भारतीयों की स्थिति की जानकारी जुटा रहा है। पूरे मामले की निगरानी उच्च स्तर पर की जा रही है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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