नई दिल्ली। देश भर में दलित और आदिवासी (Dalits and Adivasis)समुदायों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को लेकर जारी चिंताओं के बीच कांग्रेस पार्टी 29 सितंबर 2026 को राजधानी दिल्ली में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बैठक आयोजित करने जा रही है। इस ‘दलित-आदिवासी स्वाभिमान बैठक’ का आयोजन कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के मावलंकर हॉल में दोपहर 2:30 बजे से किया जाएगा।
बैठक के मुख्य बिंदु और एजेंडा
इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य रूप से तीन प्रमुख विषयों पर गंभीर मंथन किया जाएगा –
हल्द्वानी घटना की समीक्षा: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’कांड पर विस्तार से चर्चा होगी। कांग्रेस इसे सामाजिक भेदभाव और अस्पृश्यता की मानसिकता से जुड़ा एक गंभीर विषय मान रही है।
कानूनी उल्लंघनों पर मंथन: देश के विभिन्न हिस्सों में नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 (Protection of Civil Rights Act, 1955) और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (SC/ST Act, 1989) के उल्लंघन से जुड़ी घटनाओं की समीक्षा की जाएगी।
भविष्य की रोकथाम का रोडमैप: वंचित वर्गों के प्रति बढ़ रहे अत्याचारों और सामाजिक भेदभाव को रोकने के लिए एक ठोस राष्ट्रीय रणनीति व रोडमैप तैयार किया जाएगा।
दिग्गजों का लगेगा जमावड़ा
बैठक में कांग्रेस के सभी शीर्ष प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे, जिनमें शामिल हैं: लोकसभा और राज्यसभा के सभी कांग्रेस सांसद, पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता, कांग्रेस शासित राज्यों के मंत्री और विधायक, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के प्रतिनिधि।









