भारत ने कहा- होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत खोलें, हम इकलौते देश हैं जिन्होंने वहां अपने नाविक खोए

April 3, 2026 6:29 PM
India on Strait of Hormuz

India on Strait of Hormuz: मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच भारत ने दुनिया से अपील की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल दिया जाए। यह रास्ता दुनिया के तेल परिवहन के लिए बेहद जरूरी है। भारत ने कहा कि वह इस संकट में अपने नाविकों को खोने वाला इकलौता देश है।विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ब्रिटेन की ओर से बुलाई गई 60 से ज्यादा देशों की एक बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। बैठक में उन्होंने साफ कहा कि कूटनीति और बातचीत ही इस समस्या का सबसे सही और सुरक्षित हल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में जहाजों की आजादी और निर्बाध आवाजाही बनी रहनी चाहिए।

होर्मुज संकट का भारत पर असर

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मिस्री ने बैठक में बताया कि होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। भारत अपना बड़ा हिस्सा कच्चा तेल इसी रास्ते से मंगवाता है। संकट शुरू होने के बाद क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा भी प्रभावित हुई है। बैठक में भारत ने यह भी बताया कि अब तक होर्मुज क्षेत्र में विदेशी झंडे वाले जहाजों पर हुए हमलों में कम से कम तीन भारतीय नाविक शहीद हो चुके हैं और एक घायल हुआ है। कोई और देश अपने नाविकों को इस तरह नहीं खोया है।

खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा

सरकार के आंकड़ों के अनुसार, खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। दूतावास लगातार उनसे संपर्क में हैं।अब तक पूरे संघर्ष में 8 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है और एक व्यक्ति अभी लापता है। सरकार ने कहा कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने की कोशिश

भारत ने ईरान से 204 अपने नागरिकों को अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित निकालने में मदद की है। विदेश मंत्रालय ने अजरबैजान सरकार का शुक्रिया अदा किया और कहा कि आने वाले दिनों में और भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जाएगा।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बैठक में सभी देशों से अपील की कि तनाव कम करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाया जाए। भारत का मानना है कि कूटनीति से ही इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाई जा सकती है, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति सामान्य हो सके। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब होर्मुज स्ट्रेट के बंद रहने से दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ गई हैं और समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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