नई दिल्ली। देश के चार राज्यों की 28 सीटों पर हुए विधान परिषद के चुनाव में कांग्रेस (Congress)को महाराष्ट्र से एक सफलता हासिल हुई। यहां नागपुर डिवीजन ग्रेजुएट्स चुनाव क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है। इससे पहले उन्होंने 2020 में यह सीट जीती थी।
जीत के बाद अभिजीत वंजारी ने कहा, “भाजपा ने अपनी पूरी ताकत लगा दी। उनके सभी नेता नागपुर में मौजूद थे, फिर भी वोटर हमारे साथ खड़े रहे। हमारी पार्टी एकजुट रही और महा विकास अघाड़ी के नेता और कार्यकर्ता एक साथ खड़े रहे। कई संगठनों ने मेरा साथ दिया। असल में, मैंने अपने कैंपेन मटेरियल में बताया था कि 48 संगठन मेरा साथ दे रहे हैं। यह जीत उन्हीं संगठनों के कार्यकर्ताओं और नेताओं की है।”
भाजपा की अगुवाई वाले महायुति गठबंधन को महाराष्ट्र विधान परिषद के चुनाव में झटका लगा है। उसने पांच में से दो सीटें जीतीं, जबकि विपक्षी महा विकास अघाड़ी को तीन सीटें मिलीं।
भाजपा ने तीन सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन सिर्फ एक पर जीत हासिल की, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा और एक पर जीत हासिल की। विपक्षी पार्टियों में NCP (SP) ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा और दोनों पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा और एक पर जीत हासिल की।
नागपुर ग्रेजुएट चुनाव क्षेत्र का नतीजा एक थ्रिलर की तरह सामने आया और सस्पेंस गिनती के आखिरी राउंड तक बना रहा। पहले राउंड के फर्स्ट-प्रेफरेंस वोटों में कांग्रेस उम्मीदवार को अपने भाजपा प्रतिद्वंद्वी से ज्यादा वोट मिले। हालांकि, भाजपा उम्मीदवार सेकंड-प्रेफरेंस वोटों पर आगे निकल गया।
किसी भी उम्मीदवार को जरूरी कोटा नहीं मिला, जिससे गिनती तीसरी पसंद के चरण में चली गई। फिर NCP (SP) के बागी और निर्दलीय उम्मीदवार नीलेश करांडे के बैलेट के दूसरी पसंद के वोट गिने गए। वंजारी ने कोहाले से अंतर कम किया और आखिर में करीब 2,500 से 3,271 वोटों के अंतर से जीत गए। अंतिम आंकड़ों में वंजारी को लगभग 67,231 और कोहाले को 63,960 वोट मिले।
निर्दलीय उम्मीदवार नीलेश करांडे ने नागपुर ग्रेजुएट सीट पर करीब 25,000 एंटी-BJP वोट लेकर कांग्रेस उम्मीदवार की उम्मीदों पर पानी फेरने की कोशिश की थी। लेकिन वंजारी को करांडे के बैलेट से भाजपा उम्मीदवार के मुकाबले ज्यादा सेकंड-प्रेफरेंस वोट मिले, जिससे मुकाबले का नतीजा बदल गया।
फडणवीस के लिए बनी शर्मिंदगी की वजह
सभी वोटों की गिनती और नतीजे घोषित होने से पहले महायुति गठबंधन के प्रदर्शन का जश्न मनाने के बाद फडणवीस को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस पर तंज कसने के बाद फडणवीस ने ट्वीट किया कि कांग्रेस को MLC चुनावों में “बिग फैटी जीरो” मिला है।
लेकिन उनके ट्वीट के एक घंटे के अंदर ही वंजारी, जो पीछे चल रहे थे, उन्होंने वापसी करना शुरू कर दिया और मुख्यमंत्री के होमटाउन और RSS मुख्यालय नागपुर में कोहाले को हराकर विजेता घोषित कर दिए गए। इसके बाद फडणवीस को अपना ट्वीट डिलीट करना पड़ा।
चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में पांच विधान परिषद सीटों के लिए चुनाव कराए। इनमें पुणे ग्रेजुएट और टीचर्स चुनाव क्षेत्र, नागपुर ग्रेजुएट चुनाव क्षेत्र, छत्रपति संभाजीनगर ग्रेजुएट चुनाव क्षेत्र और अमरावती टीचर्स चुनाव क्षेत्र शामिल हैं। पांचों सीटों पर कुल 182 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा।
- पुणे ग्रेजुएट चुनाव क्षेत्र में NCP (SP) उम्मीदवार हर्षदा देशमुख ने BJP उम्मीदवार स्मिता जाधव को हराया।
- पुणे टीचर्स चुनाव क्षेत्र में BJP उम्मीदवार कौस्तुभ गावड़े ने शिवसेना समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सनप को हराया।
- छत्रपति संभाजीनगर ग्रेजुएट चुनाव क्षेत्र में NCP (SP) उम्मीदवार डॉ. प्रताप सिंह पाटिल ने मौजूदा NCP MLC सतीश चव्हाण और शिवसेना (UBT) उम्मीदवार दिलीप घुघे को कड़े मुकाबले में हराया।
- अमरावती सीट पर शिवसेना उम्मीदवार किरण सरदेसाई ने कांग्रेस उम्मीदवार अदिति पोहरे और शिवसेना (UBT) उम्मीदवार दत्तात्रय लहाने को हराया।
कौन हैं अभिजीत गोविंदराव वंजारी?
पेशे से वकील और शिक्षाविद वंजारी कई सालों से कांग्रेस से जुड़े हैं और विधान परिषद के सदस्य (MLC) के तौर पर नागपुर ग्रेजुएट्स चुनाव क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
2020 के चुनाव में वंजारी की जीत को अहम माना गया था, क्योंकि यह इलाका पारंपरिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का गढ़ रहा है। उन्होंने वह चुनाव महा विकास अघाड़ी (MVA) के उम्मीदवार के तौर पर लड़ा था और 18,000 से ज्यादा वोटों के अंतर से जीते थे।
अभिजीत गोविंदराव वंजारी स्वर्गीय गोविंदराव मारोतराव वंजारी के बेटे हैं, जो दक्षिण नागपुर से दो बार विधायक रहे। अभिजीत वंजारी ने राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर यूनिवर्सिटी (RTMNU) से बैचलर ऑफ आर्ट्स (BA) और बैचलर ऑफ लॉज़ (LLB) की डिग्री ली है। उन्होंने यूनिवर्सिटी की सीनेट और मैनेजमेंट काउंसिल में भी काम किया है।
अभिजीत गोविंदराव वंजारी का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ। 1998 से 2002 के बीच उन्होंने महाराष्ट्र प्रदेश नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के जनरल सेक्रेटरी के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्होंने महाराष्ट्र प्रदेश यूथ कांग्रेस में सेक्रेटरी का पद संभाला और कई सालों तक नागपुर जिला कांग्रेस कमेटी के जनरल सेक्रेटरी और मुख्य प्रवक्ता के तौर पर काम किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में कांग्रेस के चुनाव पर्यवेक्षक के तौर पर भी काम किया है।
अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने इससे पहले 2005 में दक्षिण नागपुर विधानसभा उपचुनाव और 2014 में पूर्व नागपुर विधानसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था, लेकिन दोनों ही चुनाव हार गए थे।
राजनीति के अलावा वंजारी शिक्षा क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। वह अमर सेवा मंडल शिक्षण संस्था के सेक्रेटरी हैं, जो विदर्भ इलाके में इंजीनियरिंग, फार्मेसी, लॉ, मैनेजमेंट, आर्ट्स और साइंस जैसे विषयों में कई कॉलेज चलाती है। वह गोविंद अर्बन क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के चेयरमैन भी हैं। गोविंदराव वंजारी फाउंडेशन के जरिए वे हेल्थ कैंप, ब्लड डोनेशन ड्राइव, पौधारोपण अभियान और युवा विकास कार्यक्रमों जैसे सामाजिक कार्यों में शामिल रहे हैं।









