हवलदार शेख तैयब की पत्नी और बच्ची के हत्यारों को फाँसी देने उज्जवल दीवान बनेंगे जल्लाद! मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को लिखा पत्र

रायपुर। सूरजपुर में हवलदार (Havildar)शेख तैयब की पत्नी और छोटी बच्ची की निर्मम हत्या के मामले में न्यायालय ने कुलदीप साहू, चंद्रकांत चौधरी और फूल सिंह उर्फ रिंकू विश्वकर्मा को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अब संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्जवल दीवान ने इन तीनों दोषियों को फाँसी देने के लिए स्वयं निःशुल्क जल्लाद बनने की इच्छा जताई है।

उज्जवल दीवान ने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि अगर कानून के अनुसार सजा पर अमल होना है तो वे पुलिस परिवार के प्रति अपनी संवेदना और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए बिना किसी पारिश्रमिक के जल्लाद की भूमिका निभाने को तैयार हैं।

पत्र में उज्जवल दीवान ने लिखा है कि हवलदार शेख तैयब के परिवार पर टूटे इस कहर ने पूरे पुलिस परिवार को झकझोर दिया है। पत्नी और मासूम बच्ची की हत्या जैसी घटना में दोषियों को न्यायालय द्वारा दी गई मृत्युदंड की सजा कानून के मुताबिक पूरी होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सिर्फ पीड़ित परिवार के साथ खड़े होकर न्याय की माँग को सरकार तक पहुँचाना है।

उज्जवल दीवान ने कहा कि वर्दीधारी कर्मचारियों के परिवारों की सुरक्षा और सम्मान का सवाल गंभीर है। हवलदार शेख तैयब जैसे कर्मचारियों के परिजनों के साथ हुई इस घटना में न्याय मिलना जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।

कानून के अनुसार मृत्युदंड का क्रियान्वयन निर्धारित प्रक्रिया और सक्षम अधिकारियों के जरिए ही होता है। उज्जवल दीवान का यह पत्र पुलिस कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा तथा न्याय से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। हवलदार शेख तैयब के परिवार को न्याय मिले, यही अब सबसे बड़ी माँग है।

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