नेशनल ब्यूरो। नई दिल्ली
हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों को कार्यस्थल पर कैजुअल और पार्टी वियर से बचने की सलाह दी गई है। प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए कार्यालय में पहने जाने वाली ड्रेस और सोशल मीडिया व्यवहार को लेकर विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।इस कदम का उद्देश्य कार्यस्थल पर व्यावसायिकता, शालीनता और मर्यादा को मजबूत करना है। गौरतलब है कि भाजपा शासित प्रदेशों में ऐसे आदेशों पर कांग्रेस सवाल खड़े करती रही है।
नए ड्रेस कोड के अनुसार, सभी सरकारी कर्मचारियों को सादे रंगों में औपचारिक, साफ-सुथड़े और शालीन कपड़े पहनने होंगे। कार्यालय में और अदालत में पेश होने के दौरान कैजुअल या पार्टी वियर पूरी तरह प्रतिबंधित है।पुरुष कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड में शर्ट के साथ पैंट या ट्राउजर, जूते या सैंडल शामिल हैं।
महिला कर्मचारियों को साड़ी, फॉर्मल सूट, सलवार/चूड़ीदार/कुर्ता के साथ दुपट्टा, या ट्राउजर-पैंट के साथ शर्ट पहननी होगी, साथ में चप्पल, सैंडल या जूते। जींस और टी-शर्ट पर पूरी तरह से पाबंदी है। सरकार ने जोर दिया है कि कर्मचारियों का पहनावा शालीनता, मर्यादा और व्यावसायिकता को दर्शाए।
ड्रेस कोड के अलावा, सरकार ने सोशल मीडिया के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश भी जारी किए हैं। कर्मचारियों को व्यक्तिगत अकाउंट्स से सरकारी नीतियों या योजनाओं पर राय व्यक्त नहीं करने, और सार्वजनिक मंचों, व्लॉग्स या अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर राजनीतिक या धार्मिक बयान देने से मना किया गया है।
आदेश में चेतावनी दी गई है कि ड्रेस कोड या सोशल मीडिया नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। सरकार ने कहा है कि ये निर्देश लोक सेवा की अखंडता और विश्वसनीयता बनाए रखने तथा व्यावसायिक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए जारी किए गए हैं।











