उच्च न्यायालय द्वारा मनमाने ढंग से ब्लॉक किए गए दो ट्विटर एकाउंट को बहाल करने का आदेश

April 6, 2026 6:53 PM

नेशनल ब्यूरो,नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने सोमवार को ‘डॉ. निमो यादव’ और ‘नेहर हू’ नामक दो X accounts को तुरंत बहाल करने का आदेश दिया। न्यायमूर्ति पुरुषैंद्र कुमार कौरव की एकलपीठ ने प्रतीक शर्मा जो पैरोडी अकाउंट “Dr. Nimo Yadav” चलाते हैं और कुमार नयन जो “Nehr Who” अकाउंट चलाते हैं की याचिकाओं पर सुनवाई की।

लाइव लॉ के अनुसार दोनों अकाउंट्स को 18 मार्च 2026 को सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के निर्देश पर धारा 69A सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत ब्लॉक कर दिया गया था।इन अकाउंट्स पर विवादास्पद पोस्ट, मानहानिकारक सामग्री, फोटो, वीडियो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी AI-मैनिपुलेटेड सामग्री पोस्ट करने का आरोप था।
प्रतीक शर्मा को 25 मार्च 2026 को एक्स प्लेटफॉर्म से सूचना मिली कि उनके अकाउंट को 19 मार्च 2026 के ब्लॉकिंग ऑर्डर के तहत ब्लॉक किया गया है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की ओर से उन्हें पहले कोई नोटिस या सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया था।
एक्स कॉर्प ने भी 19 मार्च 2026 को MeitY को आपत्ति पत्र भेजा था, जिसमें कहा गया था कि ब्लॉकिंग ऑर्डर आनुपातिक नहीं है और धारा 69A का पालन नहीं किया गया।न्यायालय ने ब्लॉकिंग ऑर्डर की जांच की और पाया कि पूरे अकाउंट को ब्लॉक किया गया है, न कि केवल आपत्तिजनक जानकारी को।
अदालत ने तुरंत दोनों अकाउंट्स को बहाल करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि ब्लॉकिंग ऑर्डर में उल्लिखित आपत्तिजनक ट्वीट्स अस्थायी रूप से ब्लॉक रहेंगे।अदालत ने याचिकाकर्ताओं को MeitY की रिव्यू कमिटी के सामने पेश होने का निर्देश दिया। कमिटी को यह दिखाना होगा कि ट्वीट्स को धारा 69A के तहत सही ढंग से ब्लॉक किया गया है या नहीं।
न्यायालय ने जोर दिया कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों (Principles of Natural Justice) का पालन किया जाए।याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया यह नहीं हो सकती कि पहले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया जाए और फिर अदालत जाने पर नोटिस भेज दिया जाए।
ब्लॉकिंग ऑर्डर में कारण बताने चाहिए और पूरा अकाउंट ब्लॉक करना गैरकानूनी और मनमाना है।केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्माकहा कि याचिकाकर्ताओं को रिव्यू कमिटी के सामने पेश होने के लिए ईमेल भेजे गए थे और वे आज ही पेश हो सकते हैं।यह आदेश धारा 69A आईटी एक्ट और ब्लॉकिंग रूल्स (Rule 14) के तहत जारी किया गया है।

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