बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (High Court order) ने राज्य वक्फ बोर्ड के विवादित आदेश पर तत्काल रोक लगा दी है। बोर्ड ने जून 2026 में प्रदेश की सभी दरगाहों, उर्स और मजहबी जलसों में डीजे, धूमाल और नाच-गाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था। अब हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद बोर्ड का यह आदेश फिलहाल लागू नहीं होगा।
क्या था वक्फ बोर्ड का आदेश?
छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने जून महीने में एक सख्त दिशा-निर्देश जारी किया था। इसमें कहा गया था कि:
दरगाहों और धार्मिक आयोजनों में डीजे या किसी भी प्रकार का संगीत-नृत्य नहीं बजाया जाएगा।
उल्लंघन करने वालों पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
बोर्ड का तर्क था कि ये गतिविधियां इस्लामिक परंपराओं के खिलाफ हैं और धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के लिए यह जरूरी है।
हाईकोर्ट में चुनौती, तुरंत रोक
इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने वक्फ बोर्ड के आदेश पर तत्काल स्टे (रोक) लगा दी है। अब बोर्ड दरगाहों या मजहबी कार्यक्रमों में डीजे बजाने पर कोई कार्रवाई या जुर्माना नहीं लगा सकेगा। आगे की सुनवाई में कोर्ट यह तय करेगा कि वक्फ बोर्ड को ऐसे प्रतिबंध लगाने और जुर्माना वसूलने का कानूनी अधिकार है या नहीं।








