रायपुर की ट्रैफिक समस्या का समाधान अब जनता बताएगी, पुलिस ने शुरू किया ट्रैफिक हैकाथॉन

Traffic Hackathon

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अब सिर्फ पुलिस और प्रशासन ही नहीं, बल्कि रोज सड़कों पर चलने वाले आम लोग भी समाधान सुझाएंगे। इसी सोच के साथ रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने NIT रायपुर और इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) (IEI) के सहयोग से ‘रायपुर ट्रैफिक हैकाथॉन-2026’ (Traffic Hackathon) शुरू किया है। इसकी थीम ‘Our City | Our Roads | Our Ideas’ रखी गई है।

NIT रायपुर के हीरा ऑडिटोरियम में पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने इसका शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि शहर की यातायात समस्या को सबसे बेहतर तरीके से वही व्यक्ति समझ सकता है, जो रोज किसी चौक-चौराहे, सड़क या पार्किंग की समस्या से गुजरता है। इसलिए नागरिकों, छात्रों, इंजीनियरों, अर्बन प्लानर्स और तकनीकी विशेषज्ञों से सीधे समाधान मांगे जा रहे हैं।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि पुलिस के अधिकारी अपने अनुभव के आधार पर लगातार ट्रैफिक सुधार पर काम कर रहे हैं, लेकिन शहर की वास्तविक समस्याओं को रोज देखने वाले नागरिक कई ऐसे व्यावहारिक सुझाव दे सकते हैं, जो मौजूदा व्यवस्था से ज्यादा प्रभावी साबित हों।

हैकाथॉन में प्रतिभागियों से सिर्फ समस्या बताने के बजाय Short Term, Mid Term और Long Term Solutions देने को कहा गया है। उपयोगी सुझावों को पुलिस कमिश्नरेट के स्तर पर लागू करने का प्रयास किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर शासन के सामने भी प्रस्ताव रखा जाएगा।

6 विषयों पर पुलिस मांग रही समाधान

हैकाथॉन में यातायात इंजीनियरिंग एवं प्रबंधन, पार्किंग प्रबंधन, सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियंत्रण, सार्वजनिक परिवहन, पैदल यात्री और साइकिल ट्रैक तथा AI/IoT आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसे छह विषय रखे गए हैं।

इसमें छात्र, इंजीनियर, अर्बन प्लानर, आर्किटेक्ट, स्टार्टअप, NGO और आम नागरिक हिस्सा ले सकते हैं। 17 अगस्त से 17 सितंबर तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और आइडिया सबमिट किए जा सकेंगे। विशेषज्ञों की टीम छह कैटेगरी में पांच-पांच श्रेष्ठ आइडिया चुनेगी। इसके बाद 30 प्रतिभागियों को फाइनल प्रेजेंटेशन के लिए बुलाया जाएगा। 27 सितंबर को अंतिम प्रस्तुति होगी।

डीसीपी ट्रैफिक अर्चना झा ने बताया कि यह सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को जनता की भागीदारी से बदलने की कोशिश है। इस मुहिम के जरिए रायपुर की सड़कों पर रोज होने वाली समस्याओं का समाधान उन्हीं लोगों की सोच से निकलवाने का मकसद है, जो इन सड़कों का हर दिन इस्तेमाल करते हैं।

इस दौरान एनआईटी के डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) एन.वी. रमणा राव, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर डॉ. अमित तुकाराम कांबले, CET/SAIL के महाप्रबंधक और IEI छत्तीसगढ़ स्टेट सेंटर के अध्यक्ष पुनीत चौबे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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