नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar)के मेरठ और वाराणसी दौरे के बाद छत्तीसगढ़ दौरा फिलहाल स्थगित हो गया है। उन्हें 7 अक्तूबर को दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आना था लेकिन अपरिहार्य कारणों से उनका दौरा रद्द कर दिया गया। इस दौरे में उनके साथ आयोग के अन्य अधिकारी भी होने थे।
छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मंगलवार को राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग के राज्य शिष्टाचार अधिकारी को भेजे पत्र में इसकी जानकारी दी है।पत्र में कहा गया है कि आयोग ने ज्ञानेश कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का छत्तीसगढ़ प्रवास कार्यक्रम ‘अपरिहार्य कारणों’ से स्थगित कर दिया है।संशोधित कार्यक्रम की जानकारी बाद में अलग से देने की बात कही गई है।
छत्तीसगढ़ निर्वाचन कार्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि ज्ञानेश कुमार को 7-8 अक्टूबर के प्रवास के दौरान राज्य अतिथि घोषित करते हुए प्रोटोकॉल संबंधी आवश्यक निर्देश जारी किए गए थे। अब आयोग ने उक्त कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। पत्र में दौरा स्थगित करने के कारणों का कोई विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया है।
इसके पहले सितंबर में मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) में Gen-Z के साथ संवाद करना था। इसके बाद 28 सितंबर को वाराणसी में भी युवाओं से संवाद का कार्यक्रम था। दोनों कार्यक्रम रद्द कर दिए गए थे। इसके साथ ही तैयारियां रोक दी गई हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली ,मुंबई समेत देश भर में विपक्ष और जेन ज़ी आक्रामक प्रदर्शन कर रहे हैं।
ज्ञानेश कुमार का छत्तीसगढ़ दौरा ऐसे समय स्थगित हुआ है जब दिल्ली में उनके खिलाफ विपक्ष का विरोध अपने चरम पर पहुंच गया है। मंगलवार को INDIA ब्लॉक के सांसदों ने संसद से निर्वाचन आयोग के मुख्यालय ‘निर्वाचन सदन’ तक मार्च किया। विपक्ष मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को वापस लेने की मांग कर रहा है। पुलिस ने मार्च को निर्वाचन आयोग कार्यालय से पहले रोक दिया, जिसके बाद राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे,प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेता अभी भी धरने पर बैठे हैं।
ऐसे में ज्ञानेश कुमार का दो दिन का छत्तीसगढ़ दौरा अचानक स्थगित होना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है।










