नई दिल्ली। अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में चंदा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या के थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की है। मंदिर ट्रस्ट ने यह FIR SIT (विशेष जांच दल) की प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज कराई है।
पुलिस के अनुसार, ट्रस्ट के सदस्य श्री कृष्ण मोहन की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ है। FIR में 6 लोगों को नामजद किया गया है (कुछ रिपोर्ट्स में 8 लोगों का जिक्र भी है)। यह FIR यूपी सरकार के निर्देश पर BNC के तहत धाराओं 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) में दर्ज की गई है।
SIT रिपोर्ट में किनका नाम
SIT की जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज मुकदमे में अनुकल्प मिश्रा और टिन्नू यादव को नामजद किया गया है। यह एफआईआर रमाशंकर यादव (टिन्नू यादव), अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष, करुणेश और लवकुश मिश्रा के खिलाफ दर्ज की गई है।राम मंदिर में चंदे के संग्रहण, जमा प्रक्रिया और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के दौरान ये तथ्य सामने आए। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है।
सीसीटीवी फुटेज से की गई शिनाख्त
रिपोर्ट में दान निधि की देखरेख, गिनती, बैंकिंग प्रक्रिया और सीसीटीवी फुटेज रखरखाव से जुड़े लोगों के नाम शामिल हैं। SIT ने पहले ही गिनती और बैंक जमा प्रक्रिया में शामिल पुराने लोगों को हटाने की प्रक्रिया सुनिश्चित कर ली है।SIT की सिफारिशों में कथित गबन के मामले में FIR दर्ज करना, संदिग्धों की भूमिका की जांच, चोरी और अनुपातहीन आय के सबूत इकट्ठा करना तथा पूरे नेटवर्क का मानचित्रण शामिल है।
सीएम योगी ने मांगी थी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कथित गबन के जिम्मेदार लोगों की पहचान और कार्रवाई के लिए प्रारंभिक रिपोर्ट मांगी थी। SIT अपनी जांच जारी रखेगी और दो सप्ताह के अंदर पूर्ण रिपोर्ट निष्कर्ष और सिफारिशों सहित प्रस्तुत करने की उम्मीद है।ये आरोप अयोध्या राम मंदिर में प्राप्त दान राशि और मूल्यवान वस्तुओं के दुरुपयोग से जुड़े हैं।








