छापेमारी के बाद कोलकाता में ED के खिलाफ FIR, आरपार के मूड में ममता, राज्‍य भर में बड़ा प्रदर्शन

January 8, 2026 9:31 PM
ED Raid Kolkata

लेंस डेस्‍क। ED Raid Kolkata: TMC के लिए काम करने वाली राजनीतिक सलाहकार फर्म आई-पैक के दफ्तरों और उसके निदेशक प्रतीक जैन के घर पर आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी ने राजनीतिक गलियारों में तूफान मचा दिया।

ED इसे अवैध कोयला तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की गई कार्रवाई बता रही है। वहीं सीएम ममता बनर्जी ने इसे राजनीतिक भावना से की गई कार्रवाई बताते हुए बीजेपी और खासकर गृहमंत्री अमित शाह पर बड़ा बोल दिया है।

कुल 10 जगहों पर यह कार्रवाई हुई, जिनमें छह कोलकाता में और चार दिल्ली में थीं। इस दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंच गईं, जिससे विवाद और बढ़ गया।

इस छापेमारी के खिलाफ TMC शुक्रवार यानी 9 जनवरी को राज्‍यभर में बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है।

ईडी की टीम 8 जनवरी को कोलकाता में सुबह-सुबह आई-पैक के साल्ट लेक स्थित दफ्तर और प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट वाले घर पहुंची। यह रेड कोयला घोटाले से जुड़ी हवाला लेन-देन की जांच का हिस्सा थी, जहां करोड़ों रुपये की अवैध कमाई को सफेद करने का आरोप है। ईडी के मुताबिक, आई-पैक का इस घोटाले से कोई सीधा राजनीतिक कनेक्शन नहीं है, बल्कि यह एक व्यापारिक जांच है। टीम ने दस्तावेज, कंप्यूटर और अन्य सामग्री जब्त करने की कोशिश की।

लेकिन बीच में ममता बनर्जी पहुंच गईं। उन्होंने ईडी अधिकारियों से बहस की और एक हरी फाइल समेत कुछ सामान अपने साथ ले गईं। ममता ने कहा कि ईडी उनकी पार्टी टीएमसी की चुनावी रणनीति, उम्मीदवारों की सूची और महत्वपूर्ण डेटा चुराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की साजिश बताया और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा।

ममता ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर को भी साथ लिया, जिससे ईडी की टीम को बाधा पहुंची।  बाद में ममता ने गंगासागर मेले के उद्घाटन में बोलते हुए कहा कि अगर कोई उनके घर चोरी करने आए, तो वे चुप नहीं रहेंगी।

यह मामला अब अदालत में है, जहां ईडी की याचिका पर कल सुनवाई होगी। पश्चिम बंगाल पुलिस ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ प्रतीक जैन की पत्‍नी की शिकायत पर ट्रेसपासिंग और धमकी की FIR दर्ज की है।

ED की तरफ से क्या कहा गया

ED ने इस घटना को गंभीर बताया। उनके बयान में कहा गया कि रेड शांतिपूर्ण चल रही थी, लेकिन ममता के आने के बाद हालात बिगड़े। ईडी का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने जबरदस्ती महत्वपूर्ण दस्तावेज, हार्ड डिस्क और इलेक्ट्रॉनिक सबूत हटा लिए, जिससे जांच में रुकावट आई। 

ईडी ने तुरंत कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, जहां उन्होंने ममता और पुलिस पर जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया। अदालत कल इस पर सुनवाई करेगी। ईडी ने स्पष्ट किया कि यह टीएमसी के किसी दफ्तर पर रेड नहीं थी, बल्कि कोयला घोटाले से जुड़ी एक सामान्य जांच थी, और इसमें कोई चुनावी कनेक्शन नहीं है।

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