ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर बढ़ाने की घोषणा की, लेकिन कहा कि हॉर्मूज में ब्लॉकेड बरकरार रहेगा

April 22, 2026 2:43 PM
Donald Trump

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि हमला तब तक रोका रहेगा जब तक ईरानी नेता एकजुट प्रस्ताव लेकर नहीं आते, जिससे युद्ध खत्म हो सके। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर बढ़ाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना अपना नियोजित हमला रोक देगी ताकि तेहरान को युद्ध समाप्त करने के लिए प्रस्ताव पेश करने का और समय मिल सके।यह कदम पाकिस्तानी मध्यस्थों के अनुरोध पर मंगलवार को उठाया गया। मूल सीजफायर बुधवार को समाप्त होने वाला था।

ट्रंप ने कहा, ‘इसलिए मैंने अपनी सेना को निर्देश दिया है कि ब्लॉकेड जारी रखें और बाकी सभी मामलों में तैयार और सक्षम रहें। साथ ही सीजफायर को तब तक बढ़ा रहे जब तक उनका प्रस्ताव सबमिट नहीं हो जाता और चर्चाएं किसी भी तरह से समाप्त नहीं हो जातीं।’

कोई निश्चित समय सीमा न बताते हुए ट्रंप के बयान से लगता है कि सीजफायर की यह बढ़ोत्तरी खुली अवधि की है।ईरान ने ट्रंप के बयान पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने कहा कि तेहरान की स्थिति ‘आधिकारिक रूप से बाद में घोषित की जाएगी।’

यह बढ़ोतरी ट्रंप प्रशासन की ओर से नवीनतम अचानक उलटफेर है। कुछ घंटे पहले ही ट्रंप ने कहा था कि वे सीजफायर बढ़ाने के खिलाफ हैं और ईरान को चेतावनी दी थी कि अमेरिका उसके बुनियादी ढांचे पर बड़ा हमला करने से पहले समय बहुत कम बचा है।

यह बदलाव तब आया जब ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी नौसेना द्वारा देश के बंदरगाहों पर लगाए गए ब्लॉकेड की निंदा की, जिससे बुधवार को होने वाली बातचीत में उनकी भागीदारी पर संदेह पैदा हो गया।इसके बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रंप को सीजफायर बढ़ाने पर धन्यवाद दिया और कहा कि इस्लामाबाद संघर्ष को बातचीत से सुलझाने के लिए प्रयास जारी रखेगा।

शरीफ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘मुझे पूरी उम्मीद है कि दोनों पक्ष सीजफायर का पालन जारी रखेंगे और इस्लामाबाद में होने वाले दूसरे दौर की बातचीत के दौरान संघर्ष को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए एक व्यापक ‘शांति समझौता’ कर सकेंगे।’

नौसेना की घेराबंदी बरकरार रहने के कारण यह स्पष्ट नहीं है कि सीजफायर की यह बढ़ोतरी ईरान को इस्लामाबाद में बातचीत की मेज पर लाने के लिए पर्याप्त होगी या नहीं।

मंगलवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने ईरानी बंदरगाहों पर ब्लॉकेड को “युद्ध का कार्य” और मौजूदा सीजफायर का उल्लंघन बताया।अरागची ने लिखा, ‘ईरान जानता है कि प्रतिबंधों को कैसे निष्क्रिय किया जाए, अपने हितों की रक्षा कैसे की जाए और धमकियों का कैसे मुकाबला किया जाए।’

हालांकि ईरान की सार्वजनिक स्थिति अमेरिकी धमकियों और नौसेना घेराबंदी को अस्वीकार करने की रही है, लेकिन ट्रंप ने सुझाव दिया कि तेहरान के नेतृत्व में आंतरिक मतभेद कूटनीतिक प्रयासों को धीमा कर रहे हैं।

ट्रंप ने लिखा, ‘ईरान सरकार के गंभीर रूप से विभाजित होने के तथ्य को देखते हुए, पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुरोध पर, हमने ईरान पर हमला तब तक रोकने के लिए कहा गया है जब तक उनके नेता और प्रतिनिधि एक एकजुट प्रस्ताव लेकर नहीं आ जाते।’

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू करने के बाद कई शीर्ष ईरानी अधिकारी मारे जा चुके हैं, जिनमें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई भी शामिल हैं। लेकिन तेहरान की शासन व्यवस्था में कोई बड़ी बगावत नहीं हुई है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) युद्ध प्रयासों का नेतृत्व कर रहा है।

खामेनेई की जगह उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को सुप्रीम लीडर बनाया गया है, जिन्होंने पिछले महीने अपनी नियुक्ति के बाद से अब तक कोई सार्वजनिक उपस्थिति नहीं दिखाई है।

तेहरान से रिपोर्टिंग करते हुए अल जजीरा संवाददाता अली हाशेम ने कहा कि ईरानी नेतृत्व में फूट होने का ट्रंप का दावा संभवतः ‘गलतफहमी’ है। पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद से ईरान का नेतृत्व बहुत एकजुट है। क्यों? क्योंकि नया लीडर मोजतबा खामेनेई और उनके आसपास का समूह पिछले 15 वर्षों से साथ काम कर रहा है। इस टीम के सदस्य वर्तमान में तेहरान के निर्णय केंद्रों में हैं।

ईरान और अमेरिका ने 8 अप्रैल को शुरुआती दो सप्ताह के सीजफायर पर सहमति जताई थी, लेकिन इस समझौते में लेबनान को शामिल करने और हॉर्मूज की खाड़ी पर नियंत्रण को लेकर मतभेदों के कारण तनाव बरकरार रहा।

युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करने, मिसाइल उत्पादन पर सीमाएं और हिजबुल्लाह व हमास समेत क्षेत्रीय सहयोगियों को समर्थन रोकने की मांग कर रहा है। लेकिन तेहरान ने घरेलू स्तर पर यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार पर जोर दिया है, जो नागरिक परमाणु कार्यक्रम का हिस्सा है। साथ ही उसने अपने सैन्य क्षमताओं और क्षेत्रीय गठबंधनों को रियायत के रूप में इस्तेमाल करने से इनकार कर दिया है।

एक और अड़चन ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के मौजूदा स्टॉक है।ट्रंप का दावा है कि तेहरान ने बमबारी वाले स्थानों से परमाणु सामग्री निकालने पर सहमति दी है, लेकिन ईरान ने कहा है कि वह यूरेनियम देश से बाहर नहीं जाने देगा।

स्टिमसन सेंटर थिंक टैंक की डिस्टिंग्विश्ड फेलो बारबरा स्लाविन ने कहा कि सीजफायर बढ़ाने वाला ट्रंप का बयान ‘शर्मिंदगी छिपाने का तरीका’ है, क्योंकि बातचीत फंस गई है।

उन्होंने बताया कि ट्रंप पाकिस्तान में ईरान के साथ बातचीत के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वांस को भेजने को तैयार थे, लेकिन तेहरान बातचीत में शामिल होने के लिए तैयार नहीं दिख रहा था। यह युद्ध शुरुआत से ही उनके अपेक्षा के अनुसार नहीं चला, और ईरान ने हॉर्मूज की खाड़ी पर अपने नियंत्रण में नया लाभ उठाया है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका को अपनी ‘अधिकतमवादी मांगों’ को छोड़ना चाहिए और ईरान को यह संकेत देना चाहिए कि वह समाधान की गंभीरता से तलाश कर रहा है।

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