ठेकेदारों को राहत देने छत्तीसगढ़ सरकार आई आगे

Chhattisgarh

रायपुर। Chhattisgarh के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने सड़क निर्माण वाले ठेकेदारों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। सड़क निर्माण कार्य प्रभावित न हो इसके लिए सरकार ने ठेकेदारों को डामर की बढ़ी कीमतों पर राहत देने का फैसला किया है।

कैबिनेट ने फैसला लिया है कि 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक सड़क निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले डामर की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी का कुछ हिस्सा सरकार वहन करेगी।

सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ने से सड़क निर्माण की लागत अचानक बढ़ गई थी। इससे कई परियोजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंका थी। ऐसे में सड़क निर्माण और मरम्मत का काम प्रभावित न हो, इसलिए ठेकेदारों को सीमित राहत दी जाएगी।

सरकार ने साफ किया है कि यह राहत केवल डामर की बढ़ी कीमतों के लिए होगी। बाकी निर्माण सामग्री पर पहले से लागू नियम ही लागू रहेंगे।

अब सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन रहेगा कर्मचारी चयन मंडल

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (SSC) को सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके लिए शासन के कार्य आवंटन नियमों में संशोधन किया जाएगा।

दरअसल, नए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल अधिनियम 2026’ लागू होने के बाद पुराने व्यापमं (व्यावसायिक परीक्षा मंडल) का विलय नए चयन मंडल में हो चुका है। अब उसकी संपत्तियां और जिम्मेदारियां भी नए मंडल के पास रहेंगी।

सरकार का दावा है कि इससे भर्ती प्रक्रिया में बेहतर समन्वय और प्रशासनिक नियंत्रण सुनिश्चित होगा।

सरकारी कबाड़ की ऑनलाइन नीलामी जारी रहेगी

कैबिनेट ने सरकारी विभागों, निगमों, मंडलों और स्थानीय निकायों में जमा पुराने और अनुपयोगी सामान (स्क्रैप) की ऑनलाइन नीलामी के लिए भारत सरकार की कंपनी MSTC के साथ समझौते को अगले तीन साल के लिए बढ़ाने का फैसला किया है।

यह व्यवस्था नवंबर 2019 से लागू है और मौजूदा अनुबंध 31 मई 2026 को खत्म होने वाला था।

सरकार के मुताबिक MSTC के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर के खरीदार ऑनलाइन बोली लगाते हैं, जिससे सामान का बेहतर दाम मिलता है और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहती है।

इस फैसले से अलग-अलग विभागों को बार-बार टेंडर और विज्ञापन जारी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही सरकारी दफ्तरों में जमा कबाड़ हटने से जगह और साफ-सफाई की स्थिति भी बेहतर होगी।

यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में सरकारी दफ्तरों में अब भृत्य-चौकीदार के लिए भी 12वीं पास होना जरूरी

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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