CG NEWS: छत्तीसगढ़ कवर्धा के कुकदूर वन क्षेत्र से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। रेस्क्यू और ‘पूरी तरह स्वस्थ’ होने के दावों के बीच एक घायल गौर (भारतीय बायसन) की शनिवार रात करीब 9:30 बजे मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले शिकारियों द्वारा तीर मारकर बायसन को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया और उसके शरीर से तीन तीर निकालने तथा उपचार करने का दावा किया। इसके बाद विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बायसन को ‘पूरी तरह स्वस्थ’ बताते हुए उसे वापस जंगल में छोड़ दिया।
हालांकि, जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आई। स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, बायसन लगातार कमजोर हालत में जंगल में भटक रहा था। वह न तो ठीक से चल पा रहा था और न ही भोजन कर पा रहा था। उसके घाव में संक्रमण बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही थी।
ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि जब बायसन को स्वस्थ घोषित किया गया था, तो उसकी स्थिति इतनी खराब कैसे हो गई। क्या बिना पूर्ण इलाज के ही उसे जंगल में छोड़ दिया गया, या फिर बाद में उसकी निगरानी में लापरवाही बरती गई?
बायसन की मौत के बाद अब वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिर्फ औपचारिक इलाज जैसे ड्रिप चढ़ाकर काम चलाया गया, जबकि उसे बेहतर और लगातार चिकित्सा देखभाल की जरूरत थी।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। साथ ही यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि संबंधित अधिकारी मुख्यालय में उपस्थित रहने के बजाय पंडरिया में रह रहे हैं, जिससे निगरानी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
कुकदूर वन क्षेत्र में घायल बायसन की मौत, वन विभाग के दावों पर उठे सवाल











