रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शनिवार की सुबह रायपुर के बॉम्बे मार्केट इलाके के लिए किसी सामान्य दिन जैसी नहीं थी। शहर अभी पूरी तरह अपनी रफ्तार पकड़ ही रहा था कि अचानक आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। छत्तीसगढ़ के सबसे व्यस्त व्यापारिक केंद्र में स्थित Central Bank के जोनल कार्यालय में भीषण आग ने कोहराम मचा दिया।
घड़ी में सुबह के करीब 8:30 से 9:00 बज रहे थे। बैंक के आसपास की दुकानें खुलनी शुरू ही हुई थीं कि तभी बैंक की इमारत से धुआं निकलता देखा गया। देखते ही देखते धुएं ने आग की भीषण लपटों का रूप ले लिया।
चश्मदीदों के मुताबिक, मंजर इतना भयावह था कि कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका काले धुएं की चादर से ढंक गया। जयस्तंभ चौक और बॉम्बे मार्केट जैसे व्यस्त क्षेत्रों में व्यापारियों और राहगीरों के बीच दहशत फैल गई। डर इस बात का था कि जिस बिल्डिंग में बैंक है, वहां कई अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी हैं; अगर आग फैलती तो करोड़ों का नुकसान हो सकता था।
मोर्चे पर दमकल और राहत दल
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया। मौदहापारा पुलिस, SDRF और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल की 5 से 6 गाड़ियां लगातार पानी की बौछारें करती रहीं। तपती दोपहर और आग की गर्मी के बीच दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मोर्चा संभाला।
प्रशासन की तत्परता का ही नतीजा रहा कि बैंक के भीतर फंसे कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि इस पूरे हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। एडीसीपी तारकेश्वर पटेल ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल को सक्रिय कर दिया गया था। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी थी ताकि राहत कार्य में कोई बाधा न आए।
आग भले ही बुझ गई, लेकिन बैंक के भीतर तबाही के निशान पीछे छूट गए। बताया जा रहा है कि जोनल ऑफिस होने के कारण यहां बड़ी मात्रा में महत्वपूर्ण फाइलें, लोन के दस्तावेज और प्रशासनिक रिकॉर्ड रखे हुए थे।
आग की लपटों ने इन कागजों को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि बैंक अब डिजिटल बैंकिंग की ओर बढ़ चुके हैं, लेकिन कई पुराने रिकॉर्ड और भौतिक फाइलें अभी भी बैंक संचालन का अहम हिस्सा होती हैं। बैंक प्रबंधन अब नुकसान का आकलन करने में जुटा है, और यह पता लगाया जा रहा है कि कितना डेटा सुरक्षित है और कितना राख हो गया।
क्या थी आग की वजह?
शुरुआती तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। बैंक जैसे दफ्तरों में सर्वर रूम, एयर कंडीशनर और ढेरों इलेक्ट्रॉनिक उपकरण 24 घंटे चलते हैं, जिससे वायरिंग पर काफी लोड रहता है। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि के लिए जांच जारी है। फॉरेंसिक टीम और बैंक की आंतरिक जांच समिति भी इस बात की पड़ताल करेगी कि क्या सुरक्षा मानकों में कोई चूक हुई थी।
रायपुर का जयस्तंभ चौक इलाका बेहद सघन है। बॉम्बे मार्केट की गलियों में आग बुझाना दमकल कर्मियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। यह घटना एक चेतावनी है—उन सभी व्यापारिक संस्थानों और बैंकों के लिए जो शहर के पुराने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में संचालित हो रहे हैं।
डिजिटल दौर में भी फिजिकल डॉक्यूमेंट्स की सुरक्षा और फायर ऑडिट कितना जरूरी है, यह लपटों ने साफ कर दिया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और इलाके में आवाजाही फिर से शुरू हो गई है।
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