सरोकार
गद्दार और आक्रांता
सोफिया फिरदौस, विक्टिम-ब्लेमिंग, और भारत की लोकतांत्रिक चेतना की ज्ञानमीमांसीय कायरता पर....
रचनात्मक विपक्ष से आगे : भारतीय लोकतंत्र में संरचनात्मक सीमाएं और व्यवधान को पुनर्परिभाषित करने की जरूरत
“रचनात्मक विपक्ष” का विचार अब एक जड़ सिद्धांत बन चुका है। कल....
रचनात्मक विपक्ष के विरुद्ध एक तर्क
एस. विक्रम (राजनीतिक टिप्पणीकार) भारतीय राजनीति के व्याकरण में कुछ ही ऐसे....
शूशान स्ट्रोक मामला: जब समाज के अलिखित तर्क बेपर्दा हो जाएं
एस. विक्रम (राजनीतिक टिप्पणीकार) इजराइल की नेतन्याहू सरकार में मंत्री और रिलिजियस....
बहुसंख्यकवाद से जुड़ा है पूर्वोत्तर के लोगों से पूर्वाग्रह
मैंने 2026 में लिखने की शुरुआत 24 बरस के स्टुडेंट अंजेल चकमा....
शिक्षा को कमोडिटी बनाओगे तो गलगोटियास से कैसे बचोगे?
भारत में शिक्षा को कमोडिटी बना दिया गया है, इसकी झलक दिल्ली....
‘बुद्धि विरोधी’ दौर में ‘यंत्र-बुद्धि’ की चुनौती!
हाल ही में दिल्ली में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट’ को ब्लूमबर्ग की....
वॉशिंगटन से दिल्ली तक, एप्सटीन की परछाईं
वृंदा करात एप्सटीन से जुड़ी फाइलों के जारी होने ने केवल एक....
हिंदुओं में बढ़ती बेचैनी और ‘राम मोहम्मद सिंह आजाद’ का रास्ता!
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार से इसी राज्य का ऊधम....
हां, आजादी चरखे से आई थी….और ऐसे आई थी ! (धीरज से पढ़िएगा)
30 जनवरी। आज़ादी के बाद 1948 में आज ही के दिन महात्मा....















