लेंस डेस्क। दिल्ली हाईकोर्ट इस महत्वपूर्ण सवाल पर विचार करेगा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कॉपीराइट स्ट्राइक (copyright strikes) के आधार पर यूजर्स के अकाउंट सस्पेंड या डिलीट कर सकते हैं या नहीं। यह मामला डिजिटल कंटेंट क्रिएटर सौरभ मौर्य से जुड़ा है, जो ‘IITian Trader’ नाम से काम करते हैं।
जस्टिस अनुप जयराम भांभानी की अदालत में सुनवाई के दौरान बताया गया कि सौरभ मौर्य के इंस्टाग्राम अकाउंट को कॉपीराइट क्लेम के कारण सस्पेंड कर दिया गया था। बाद में ये क्लेम फर्जी पाए गए।
मौर्य की ओर से सीनियर एडवोकेट दिया कपूर ने बताया कि कुछ लोगों ने उनके वीडियो अन्य प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड किए, तारीखें बदल दीं और फिर खुद को मालिक बताते हुए कॉपीराइट स्ट्राइक जारी कर दिए। इसके आधार पर मेटा ने उनका अकाउंट सस्पेंड कर दिया, भले ही मौर्य मूल क्रिएटर होने का दावा कर रहे थे।
सुनवाई के दौरान मेटा ने अदालत को बताया कि ये कॉपीराइट स्ट्राइक फर्जी थे। कंपनी ने स्ट्राइक वापस ले लिए और अकाउंट फिर से चालू कर दिया।
हालांकि मौर्य के वकीलों का कहना था कि अकाउंट बहाल होने से बड़ा कानूनी सवाल हल नहीं होता। सवाल यह है कि प्लेटफॉर्म कॉपीराइट स्ट्राइक की व्यवस्था कैसे चलाते हैं और क्या यह सुप्रीम कोर्ट के श्रेया सिंघल मामले तथा दिल्ली हाईकोर्ट के मायस्पेस मामले में दिए गए सिद्धांतों के अनुरूप है।
अदालत ने मेटा की इस बात को दर्ज किया कि अकाउंट बहाल कर दिया गया है। साथ ही प्रतिवादियों को इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी। यह मामला डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के अधिकारों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी दोनों को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।









