रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में नई ग्रामीण रोजगार योजना VB-G RAM G, अटल आजीविका समृद्धि हाट और छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति 2026 को मंजूरी दे दी है।
कैबिनेट ने ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM G योजना के प्रारूप को मंजूरी दी है। यह योजना 1 जुलाई से लागू की जाएगी। इसके तहत ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को हर वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के अकुशल श्रम आधारित रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी।
योजना के तहत जल संरक्षण, तालाब निर्माण, ग्रामीण सड़कें, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और अन्य आधारभूत संरचना से जुड़े कार्य कराए जाएंगे।
सरकार का कहना है कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्रणाली के माध्यम से कार्यों की निगरानी की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने इसके लिए 4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
गांवों में खुलेंगे ‘ आजीविका समृद्धि हाट’
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार ने अटल आजीविका समृद्धि हाट योजना शुरू करने का फैसला किया है।
इसके तहत गांवों में हथकरघा, सिलाई-बुनाई, हस्तशिल्प, दलहन और तिलहन प्रसंस्करण इकाइयां, राइस मिल, डेयरी, कोल्ड स्टोरेज, सोलर ड्रायर और डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
सरकार का दावा है कि इससे गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा।
योजना के संचालन की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को सौंपी गई है।
कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति 2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति 2026 को भी मंजूरी दे दी है। इसके तहत फसल अवशेष, गोबर, नगरीय ठोस कचरे और अन्य जैविक अपशिष्टों से स्वच्छ ईंधन यानी कम्प्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन किया जाएगा।
सरकार के मुताबिक इससे कचरा प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा, प्रदूषण कम होगा, जैविक खाद के उत्पादन में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। ‘अंजोर विजन 2047’ के अनुसार राज्य में हर साल करीब 5 लाख टन कम्प्रेस्ड बायोगैस उत्पादन की संभावना है।
राज्य सरकार का कहना है कि इन तीनों फैसलों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है। इन योजनाओं का वास्तविक प्रभाव आने वाले समय में इनके क्रियान्वयन के बाद सामने आएगा।








