एक ट्वीट से डूब गया हजारों करोड़ डकारने वाले शेट्टी का गोरखधंधा, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के अस्पतालों में भारी निवेश

BR Shetty

नई दिल्ली। यह कहानी पांच किलो अनाज पर पलते देश में चंद व्यवसायियों के बढ़ते धंधों के पीछे चल रहे घोटालों की अनंत कथा का एक हिस्सा है। क्या आप यकीन करेंगे जिस व्यवसायी के खिलाफ किसी बैंक ने वसूली और संपत्तियों के हस्तानांतरण पर रोक लगाई हो उसी व्यवसायी को लेकर चल रहे मुकदमे में हजारों करोड़ रुपए सिर्फ इसलिए दे दिए जाएं क्योंकि बैंक मुकदमेबाजी से परेशान था?

जी हां, यह हुआ है। NMC हेल्थ के मालिक बी आर शेट्टी को बैंक ऑफ बड़ौदा ने 2020 में 25 करोड़ डालर वसूली की नोटिस दिया था। साथ ही शेट्टी और उनकी पत्नी को अगले आदेश तक कुछ संपत्तियों को बेंचने या हस्तानांतरित पर रोक लगा दी थी, लेकिन अब उसी कंपनी के लीगल सेटलमेंट के लिए 5700 करोड़ रुपए दे दिए गए। गजब यह है कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने पूर्व में इस मामले में अपने पक्ष में फैसला आने की बात कही थी।

छत्तीसगढ़ के निजी अस्पताल में शेयर

रायपुर के श्री नारायणा अस्पताल की फोटो गैलरी में बीआर शेट्‌टी और डॉ. सुनील खेमका की फोटो।

कहानी इतनी ही नहीं है ताजा जानकारी मिली है कि बी आर शेट्टी के हेल्थकेयर ग्रुप BR लाइफ ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मल्टी स्पेशियल्टी श्री नारायाणा अस्पताल और उड़ीसा के कलिंगा अस्पताल का अघिग्रहण कर लिया। कलिंगा अस्पताल दो सौ करोड़ में खरीदा गया।

श्री नारायणा अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. सुनील खेमका द लेंस से बातचीत के दौरान अधिग्रहण की बात से इनकार करते हैं। उनका कहना था कि उनका यानि NMC हेल्थ का केवल 20 से 24 फीसदी शेयर है जबकि खुद शेट्टी की कंपनी और शेट्टी का पूरा परिवार इसे अपना अस्पताल बताते रहे हैं।

सुनील खेमका का कहना है कि अगर उनका मेजर शेयर होता तो अब तक बैंक का छापा पड़ गया होता। गजब यह है कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने एक बार भी शेट्टी के द्वारा अधिग्रहित अस्पतालों की संपत्ति को जब्त करने की कोशिश नहीं की।

एक ट्वीट ने ध्वस्त कर दिया शेट्टी का कारोबार

क्या आप यह यकीन करेंगे कि महज एक ट्वीट से बी आर शेट्टी की कंपनी NMC हेल्थ जो कभी अबू धाबी की सबसे बड़ी हेल्थकेयर कंपनी हुआ करती थी पूरी तरह से चौपट हो गई और शेट्टी को बर्बाद कर गई।6 अगस्त, 2019 को, मडी वाटर्स नाम की एक छोटी शोध फर्म ने ट्विटर पर एक यूके-आधारित निवेश फर्म पर रिपोर्ट जारी करने का संकेत दिया, जिसे वह अगले दिन जारी करने वाला था।

उन्होंने लिखा “मडी वाटर्स कल सुबह 8 बजे (लंदन समय) तक लेटेंट पीरियड में है, जब हम एक एकाउंट की गड़बड़ी पर एक नई शॉर्ट पोजीशन की घोषणा करेंगे जो संभावित रूप से दिवालिया है और संभवतः तरलता संकट का सामना कर रही है। निवेशक इस कंपनी को लेकर उत्साहित हैं, हम नहीं। अगस्त के उस दिन, जब मडी वाटर्स ने ट्वीट किया कि वह लंदन स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध एक फर्म में गड़बड़ी के बारे में एक रिपोर्ट जारी करेगा, तो गजब हुआ। NMC हेल्थ के शेयर गिर गए। जबकि उसने अगले दिन लंदन में सूचीबद्ध एक अनाम फर्म के खिलाफ अभियान शुरू करने के अपने इरादे के बारे में पहले ही एक सामान्य टिप्पणी ट्वीट की थी। संयोग से, ट्वीट के बाद एनएमसी के शेयर में काफी गिरावट आई। यह एक चौंका देने वाली बात थी क्योंकि उन्होंने कंपनी का नाम नहीं लिया था।

शेट्टी पर लगे संगीन आरोप

शेट्टी द्वारा शुरू की गई पहली कंपनी, NMC हेल्थ पर खातों में हेराफेरी करने और धोखाधड़ी के आरोप लगे। एक निजी जांच से पता चला है कि कंपनी ने 2019 में अपने कर्ज को 4.5 अरब डॉलर कम दिखाया होगा।

शेट्टी की वित्तीय सेवा फर्म , जो लंदन स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध है और यूएई एक्सचेंज नामक रेमिटेंस फर्म की मालिक है, ने पाया कि कंपनी के बोर्ड की जानकारी के बिना 10 करोड़ डॉलर मूल्य के चेक जारी किए गए थे। दोनों फर्मों के शीर्ष अधिकारियों ने या तो इस्तीफा दे दिया है या उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है।

एलएसई ने दोनों कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग निलंबित कर दी है। NMC हेल्थ को अबू धाबी में प्रशासन के अधीन कर दिया गया है। शेट्टी ने स्वयं फरवरी में एनएमसी हेल्थ के निदेशक और संयुक्त गैर-कार्यकारी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था और अब उन पर अबू धाबी में धोखाधड़ी और जालसाजी के आपराधिक आरोप लगे।

किससे किससे कितना लिया कर्ज

यह वो कंपनी थी 2012 में लंदन स्टॉक एक्सचेंज में उनका आईपीओ अबू धाबी स्थित किसी कंपनी का पहला आईपीओ था जो ज़बरदस्त सफल रहा और इससे 117 मिलियन पाउंड जुटाए गए। 2014 में, उन्होंने ब्रिटेन स्थित फॉरेक्स कंपनी ट्रैवेलेक्स का 1 बिलियन पाउंड में अधिग्रहण किया।

आतिथ्य, शिक्षा और फार्मा जैसे क्षेत्रों में उनके स्वामित्व वाले छोटे-छोटे व्यवसाय भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। 2017 में, उन्होंने कहा कि वह भारत में महाभारत पर आधारित एक हज़ार करोड़ रुपयों में अब तक की सबसे महंगी फ़िल्म का निर्माण करेंगे। एनएमसी पर 80 से अधिक वित्तीय संस्थानों का कर्ज है।

24 मार्च 2020 को, एनएमसी हेल्थ ने लंदन स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया कि समूह का अनुमानित ऋण 6.6 बिलियन डॉलर है, जिसमें ’80 से अधिक वित्तीय संस्थानों से 75 से अधिक ऋण सुविधाएं’ शामिल हैं।

अप्रैल में ब्लूमबर्ग द्वारा प्रकाशित अदालती दस्तावेजों के अनुसार, एनएमसी पर अबू धाबी कमर्शियल बैंक (एडीसीबी) का 963 मिलियन डॉलर, दुबई इस्लामिक बैंक का 541 मिलियन डॉलर, अबू धाबी इस्लामिक बैंक का 325 मिलियन डॉलर, स्टैंडर्ड चार्टर्ड का 250 मिलियन डॉलर और बार्कलेज का 146 मिलियन डॉलर बकाया है।

किस्सा रायपुर के श्री नारायणा अस्पताल का

रायपुर का श्री नारायणा अस्पताल।

अगस्त 2013 में बी. आर. शेट्टी और श्री नारायणा हॉस्पिटल के तत्कालीन मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. सुनील खेमका ने रायपुर में इस साझेदारी का आधिकारिक एलान किया था।

हिस्सेदारी खरीदने के बाद शेट्टी के ग्रुप ने अस्पताल में अत्याधुनिक मेडिकल मशीनें जैसे 1.5 टेस्ला MRI, 128 स्लाइस CT स्कैन और आधुनिक एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड तकनीक लगाने के लिए बड़ा निवेश किया।

वह छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह से भी मिलने आए थे। इस निवेश के जरिए अस्पताल के 45 बेड वाले ICU को बढ़ाकर 75 बेड किया गया और रिमोट एरिया के मरीजों की मदद के लिए एक विशेष ‘इमरजेंसी कमांड सेंटर’ और मोबाइल कार्डियक एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई।

इस फंड की मदद से अस्पताल में रीनल ट्रांसप्लांट (किडनी प्रत्यारोपण), टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर, ट्रॉमा सेंटर, बर्न यूनिट, कॉस्मेटिक और प्लास्टिक सर्जरी, पीडियाट्रिक्स और ऑन्कोलॉजी (कैंसर इलाज) जैसी सुपर-स्पेशलिटी सेवाओं का विस्तार किया गया।

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