रायपुर। भूपेश बघेल ने ‘छत्तीसगढ़ संवाद’ को लेकर दिए गए बयान पर BJP ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय (Santosh Pandey) ने इसे भूपेश बघेल की ‘हताशा और राजनीतिक बेचैनी’ का प्रतीक बताया है।
भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि नवा रायपुर स्थित ‘छत्तीसगढ़ संवाद’ को अब ‘भाजपा कार्यालय, नवा रायपुर’ का बोर्ड लगा लेना चाहिए। गुजरात की एजेंसियों के माध्यम से मेरी और साथी कांग्रेस नेताओं की छवि धूमिल करने के लिए AI वीडियो का प्रोडक्शन हाउस अब ‘छत्तीसगढ़ संवाद’ बन गया है। वहां न केवल राजनैतिक वीडियो बन रहे हैं बल्कि अलग-अलग सोशल मीडिया एकाउंट का संचालन और उनकी पोस्टिंग भी वहीं से हो रही है।
सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि लगातार चुनावी हार से परेशान कांग्रेस अब संवैधानिक संस्थाओं और सरकारी विभागों पर निराधार आरोप लगाकर अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन का ‘इमरजेंसी मॉडल’ आज भी जनता के जहन में ताजा है।
भाजपा प्रवक्ता ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भूपेश बघेल के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ ने ‘अघोषित आपातकाल’ देखा। पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया पर स्वतंत्र राय रखने वाले लोगों तक पर राजद्रोह जैसे मामले दर्ज किए गए। ऐसे में कांग्रेस अब संवाद और पारदर्शिता की बात किस आधार पर कर रही है, यह जनता अच्छी तरह समझती है।
संतोष पाण्डेय ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में ‘छत्तीसगढ़ संवाद’ को कांग्रेस सरकार ने ‘राजनीतिक टूलकिट’ की तरह इस्तेमाल किया। करोड़ों रुपये सरकारी प्रचार और एक चेहरे की ब्रांडिंग पर खर्च किए गए। उन्होंने कहा कि अब जब सरकारी तंत्र निष्पक्ष रूप से काम कर रहा है तो कांग्रेस को परेशानी हो रही है।







