रायपुर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन लोकसभा में पास नहीं होने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों के खिलाफ देशभर में आंदोलन करने का ऐलान किया है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में भी भाजपा लगातार विरोध प्रदर्शन करेगी।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष के रवैये के कारण देश की करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। उन्होंने कहा कि लगभग 70 करोड़ महिला शक्ति इस फैसले से प्रभावित हुई है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इंडी गठबंधन ‘फूट डालो और राज करो’ जैसी नीति पर काम करता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पंचायती राज में महिलाओं को 57 प्रतिशत आरक्षण और विधानसभा में भी 21-22 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिला है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया।
सीएम साय ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री लगातार महिला सशक्तिकरण के लिए प्रयासरत हैं और महिलाओं की उम्मीदों को किसी भी हाल में टूटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में विपक्ष को जनता इसका राजनीतिक जवाब देगी।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने भी कांग्रेस और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष ने ‘काली करतूत’ दिखाई और इसे पारित नहीं होने दिया।
अरुण सिंह ने आरोप लगाया कि जब-जब महिला अधिकारों की बात आई, कांग्रेस ने उनका विरोध किया। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ विपक्षी नेताओं ने बिल का विरोध किया, जबकि भाजपा महिला सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने दावा किया कि संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी, लेकिन विपक्ष ने समर्थन नहीं दिया, जिससे बिल पास नहीं हो सका। भाजपा नेताओं के बयानों के बाद राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सियासी घमासान तेज होने की संभावना है।
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