पटना। बिहार की राजधानी में मंगलवार को BPSC टीआरई-4 अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के बीच एक छह साल का बच्चा सबका ध्यान खींच गया। आदित्य कुमार नाम के इस बच्चे ने बस की छत पर तिरंगा लेकर खड़े होकर नारेबाजी की। उसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
आदित्य पहली कक्षा का छात्र है और पटना के पुनाईचक इलाके की झुग्गी बस्ती में रहता है। वह अपने माता-पिता के साथ प्रदर्शन में पहुंचा था। टी-शर्ट और डेनिम पैंट पहने तथा माथे पर तिलक लगाए आदित्य का अंदाज देखकर लोग चौंक गए।
बच्चे ने कही बड़ी बात
पत्रकारों से बात करते हुए आदित्य ने कहा, “हम भ्रष्टाचारी सरकार को उखाड़ फेंकने आए हैं।” उसने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग की और लाठीचार्ज का आदेश देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।
डर लगने के सवाल पर उसने साफ कहा कि वह डरने वाला नहीं है। आदित्य का कहना था कि देश के भविष्य का माथा फोड़ा जा रहा है और आगे उसके साथ भी ऐसा हो सकता है। इसलिए उसने माता-पिता से जिद करके प्रदर्शन में आने को कहा। पुलिस की वर्दी को लेकर भी उसने टिप्पणी की, “जिस दिन सत्ता बदलेगी, तब वर्दी का भी ध्यान रखना।”
पुलिस ने हिरासत से इनकार किया
प्रदर्शन के बाद पुलिस आदित्य को थाने ले गई और बाद में उसकी मां को सौंप दिया। पुलिस ने साफ किया कि बच्चे को गिरफ्तार नहीं किया गया था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे कुछ समय के लिए थाने में रखा गया था। सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि आदित्य को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन पुलिस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।
एक अधिकारी ने कहा कि तनाव वाले इलाके में बच्चे को अकेले नहीं घूमने देना चाहिए था। माता-पिता को भी इस बारे में सावधानी बरतने की सलाह दी गई। जब आदित्य को थाने से छोड़ा गया तो प्रदर्शनकारियों ने ‘Gen Alpha’ के नारे लगाए। बच्चा तुरंत आकर्षण का केंद्र बन गया।
प्रदर्शन कैसे तनावपूर्ण हुआ
मंगलवार को बीपीएससी अभ्यर्थी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए गांधी मैदान के पास जुटे थे। पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर डाकबंगला चौराहे तक पहुंचने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस से झड़प हो गई।
प्रदर्शनकारियों पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया और कथित तौर पर लाठीचार्ज भी किया गया। कई छात्र हिरासत में लिए गए। कुछ छात्रों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर भी है।
पहले भी पहुंच चुका है आंदोलनों में
आदित्य पहली बार किसी प्रदर्शन में नहीं पहुंचा है। इससे पहले वह पेपर लीक और सिवान एके-47 मामले को लेकर तेजस्वी यादव के लोकभवन मार्च में भी शामिल हो चुका है। गर्दनीबाग में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के बीच भी वह पहुंचा था। वहां उसने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी।
माता-पिता और जानने वाले लोगों के अनुसार, आदित्य आसपास हो रही घटनाओं को लेकर जिज्ञासु रहता है लेकिन खुद आदित्य का कहना है कि वह भविष्य को लेकर चिंतित एक नागरिक के रूप में अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर रहा है।








