पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची असम सरकार

Pawan Khera anticipatory bail

लेंस डेस्क। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा (Pawan Khera) को एक मामले में अग्रिम जमानत दिए जाने के खिलाफ असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी है। तेलंगाना हाईकोर्ट ने उन्हें इस मामले में ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, जिसमें उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर आरोप लगाए थे।

5 अप्रैल को पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा का अमेरिका के व्योमिंग राज्य में एक कंपनी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस कंपनी की सदस्य सूची में रिनिकी रिनिकी भुइयां सरमा, हिमंत बिस्वा सरमा और उनके बेटे का नाम शामिल है। कंपनी की वैल्यू करीब 3467 करोड़ अमेरिकी डॉलर (34.67 बिलियन डॉलर) बताई गई और इसमें अमेरिका में होटल खोलने की योजना है।

साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी से सिर्फ इन तीन परिवार के सदस्यों के बीच 52,000 करोड़ रुपये बांटने की योजना है। उन्होंने यह भी दावा किया कि हिमंत सरमा के पास तीन पासपोर्ट हैं।

तेलंगाना हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि मामले की मेरिट पर कोई टिप्पणी किए बिना यह अदालत मानती है कि याचिकाकर्ता ने सीमित ट्रांजिट अग्रिम जमानत के लिए पर्याप्त आधार प्रस्तुत किए हैं, क्योंकि उनकी गिरफ्तारी की आशंका उचित प्रतीत होती है और रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री से इसका समर्थन होता है।

यह याचिका रविवार को वकील शुवोदीप रॉय के माध्यम से दाखिल की गई है और उम्मीद है कि इसे इसी सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। पवन खेड़ा को 10 अप्रैल को जमानत मिली थी और उन्हें एक सप्ताह का समय दिया गया था कि वे उचित अदालत में आवेदन करें।

जमानत की शर्तों में शामिल है कि अगर गिरफ्तार किए जाते हैं तो पवन खेड़ा एक लाख रुपये का व्यक्तिगत बॉन्ड और दो जमानतदारों से समान राशि के साथ छूट पा सकेंगे। उन्हें जांच में पूरा सहयोग करना होगा, जांच अधिकारी द्वारा जब भी बुलाया जाए पूछताछ के लिए उपलब्ध रहना होगा और बिना अदालत की अनुमति के देश नहीं छोड़ना होगा।

इसके अलावा शर्तें यह भी हैं कि वे निर्धारित समय के अंदर असम की सक्षम अदालत में जाकर उचित राहत मांगंअ और एक सार्वजनिक व्यक्ति होने के नाते मामले से संबंधित कोई भी अतिरिक्त सार्वजनिक बयान न दें, जो जांच को प्रभावित कर सके।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now