नई दिल्ली। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर उनके माता-पिता बुधवार (14 अक्टूबर) को दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गए। चार साल पहले अपनी 19 वर्षीय बेटी को खो चुके परिवार का कहना है कि तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा मिलने के बावजूद मामले से जुड़े कई सवाल अब भी अनसुलझे हैं। परिवार कथित वीआईपी की पहचान सामने लाने और सीबीआई जांच में तेजी लाने की मांग कर रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना भी धरने में शामिल हुईं। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की।
तीन दोषियों को उम्रकैद, फिर भी न्याय की लड़ाई जारी
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में वनंतरा रिजॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी 18 सितंबर 2022 को लापता हो गई थीं। 24 सितंबर को उनका शव ऋषिकेश के पास चीला नहर से बरामद हुआ था। जांच में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता की भूमिका सामने आई थी। आरोप था कि अंकिता पर एक कथित वीआईपी मेहमान को विशेष सेवाएं देने का दबाव बनाया गया था, जिसका विरोध करने पर उनकी हत्या कर दी गई। मई 2025 में कोटद्वार की अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
कथित वीआईपी की पहचान सार्वजनिक करने की मांग
अंकिता के परिजन शुरू से ही मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच की मांग कर रहे हैं। दिसंबर 2025 में अभिनेत्री उर्मिला सनावर की ओर से जारी कथित ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग में भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम का नाम आने के बाद विवाद फिर बढ़ गया था। हालांकि, मूल जांच में गौतम को आरोपी नहीं बनाया गया था। गौतम इन आरोपों को बेबुनियाद और राजनीतिक साजिश बता चुके हैं। जनवरी 2026 में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी मानहानि याचिका पर संबंधित आपत्तिजनक सामग्री हटाने का अंतरिम आदेश दिया था। इसके बाद उत्तराखंड सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।
दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने का विरोध
भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है। अंकिता के परिवार और कांग्रेस ने इस नियुक्ति पर आपत्ति जताई है। मंगलवार को उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने देहरादून में उपवास रखकर विरोध किया। परिवार की मांग है कि गौतम की नियुक्ति वापस ली जाए और कथित वीआईपी से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच हो।
इंडिया गेट पर राहुल-प्रियंका ने की मुलाकात
बुधवार शाम राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इंडिया गेट पहुंचे और धरने पर बैठे अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की। परिवार ने उनके सामने न्याय और जांच से जुड़ी अपनी मांगें रखीं। अंकिता की मां सोनी देवी का कहना है कि स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होने के कारण उन्हें दिल्ली आना पड़ा। परिवार सीबीआई जांच की प्रगति और कथित वीआईपी की भूमिका स्पष्ट करने की मांग कर रहा है।
मामले में तीन लोगों को उम्रकैद की सजा हो चुकी है, लेकिन कथित वीआईपी से जुड़े आरोपों पर विवाद बना हुआ है। चार साल बाद भी अंकिता के माता-पिता की मांग है कि जांच के बाकी पहलुओं को सामने लाया जाए और उन्हें पूरा न्याय मिले।










