रायपुर में कैंसर की दवाओं को लेकर 26 मेडिकल स्टोर और अस्पतालों में जांच, पांच फर्मों में मिली अनियमितताएं

रायपुर। राजधानी रायपुर (Raipur) में कैंसर की महंगी दवाओं की खरीद-बिक्री और कीमतों को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जांच अभियान चलाया है। विभाग की टीम ने कांपा स्थित मित्तल कैंसर हॉस्पिटल समेत जिले के 26 मेडिकल स्टोर और अस्पतालों का निरीक्षण किया। इस दौरान आयातित कैंसररोधी दवाओं के स्टॉक, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और जरूरी दस्तावेजों की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में पांच फर्मों में अनियमितताएं सामने आने की जानकारी है।

महंगी दवाओं का स्टॉक मिला, रिकॉर्ड नहीं दिखा सके संचालक

जांच के दौरान कुछ मेडिकल स्टोरों में महंगी कैंसररोधी दवाओं का स्टॉक मिला, लेकिन संचालक उनसे संबंधित खरीद-बिक्री के दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। इनमें समता कॉलोनी स्थित विहान मेडिकल, चंदन मेडिकल स्टोर, चौबे कॉलोनी की पीएनएच फार्मेसी और अग्रसेन चौक स्थित अपोलो मेडिकल के नाम सामने आए हैं। विभाग ने संबंधित संचालकों से स्पष्टीकरण और जरूरी रिकॉर्ड मांगे हैं। हालांकि, अनियमितताओं की अंतिम पुष्टि दस्तावेजों की जांच के बाद होगी।

मित्तल कैंसर हॉस्पिटल में आयातित दवाओं की जांच

कांपा स्थित मित्तल कैंसर हॉस्पिटल में आयातित कैंसररोधी दवाओं से जुड़े दस्तावेजों की विशेष जांच की गई। विभाग यह पता लगा रहा है कि दवाओं के आयात, भंडारण और बिक्री में निर्धारित नियमों का पालन हुआ है या नहीं। जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

कैंसर की दवाओं की कीमतों में बड़ा अंतर

इसी बीच दैनिक भास्कर की पड़ताल में कैंसर की दवाओं की कीमतों में बड़ा अंतर सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, एजासिटिडाइन 100 एमजी इंजेक्शन सरकार को करीब 538 रुपये में मिलता है, जबकि बाजार में इसकी कीमत 1200 से 1500 रुपये या उससे अधिक बताई गई है। हालांकि, सरकारी खरीद और बाजार की कीमतों में अंतर अपने आप में नियमों के उल्लंघन का प्रमाण नहीं है।

दूसरे मेडिकल स्टोरों की भी होगी जांच

स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में औषधि निरीक्षक ईश्वरी नारायण सिंह, नीरज साहू, डॉ. सुरेश कुमार साहू और डॉ. टेकचंद धीरहे शामिल रहे। विभाग के मुताबिक, दवाओं की गुणवत्ता, वैधता और कीमतों से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आगे भी निरीक्षण किया जाएगा। फिलहाल दस्तावेजों की जांच जारी है। जांच पूरी होने और संबंधित फर्मों का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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