नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने एनएसयूआई के युवा कार्यकर्ताओं के साथ बर्बरता की।
राहुल गांधी ने कई NSUI कार्यकर्ताओं और एक कंटेंट क्रिएटर के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने युवाओं को देश की आवाज बताते हुए कहा, ‘ये बच्चे हिंदुस्तान की आवाज हैं। इस आवाज के सामने खड़े मत होइए। हर छात्र बर्बरता का वीडियो बनाए। बाद में इन सबूतों के आधार पर सजा दिलाई जाएगी।’
युवाओं ने बताई हिरासत की कहानी
NSUI कार्यकर्ता समर्थ ने बताया कि वे 4 अक्टूबर से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। 5 अक्टूबर को उन्हें हिरासत में लिया गया। पार्लियामेंट पुलिस स्टेशन में वहाब सिंह तोमर नाम के पुलिसकर्मी समेत करीब 20 पुलिसकर्मियों ने उन्हें बुरी तरह पीटा। इसके बाद कांस्टेबल अंकित कसाना उन्हें दिल्ली कैंट तक मारते हुए ले गए। जब एक साथी को उल्टी आने लगी तो पुलिस ने बैग में उल्टी करने को कहा।
एक महिला कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि महिला कांस्टेबल चंचल यादव ने उनका गला दबाया, धक्का दिया, नाखूनों से खरोंचा और थप्पड़ मारे। उन्होंने दावा किया कि प्राइवेट पार्ट्स पर भी प्रहार किया गया और उन्हें घसीटकर हिरासत में लिया गया। महिला ने कहा, ‘मैंने कहा जितना मारना है मारो। हम झुकेंगे नहीं।’
एक अन्य प्रदर्शनकारी अतीरा ने बताया कि कान में चोट लगने से उनकी सुनने की क्षमता प्रभावित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेसमेंट में (जहां सीसीटीवी नहीं थे) मुक्के मारे गए। धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि पुलिस ने उन्हें बार-बार पीटा और कहा, ‘बोलो दिल्ली पुलिस तुम्हारे पापा हैं। अपने नेता को बुला लो, कोई बचाने नहीं आएगा।’
राहुल गांधी ने अमित शाह को घेरा
राहुल गांधी ने कहा, ‘अमित शाह जी ध्यान से देख लीजिए, ये हिंदुस्तान है। यहां न कोई हिंदू है, न मुस्लिम, न पुरुष, न महिला, न कोई जाति। यहां सिर्फ एक आवाज है। नरेंद्र मोदी और अमित शाह, आप दोनों इस आवाज के सामने खड़े मत होइए।’ उन्होंने युवाओं से वीडियो सबूत सुरक्षित रखने की अपील की और कहा कि मामले के खत्म होने के बाद ऊपर से नीचे तक सभी को सजा दिलाई जाएगी।
राहुल ने यह भी दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मैसेज आते रहते हैं। उन्होंने ज्ञानेश कुमार से कहा, ‘आप अपराधी नहीं हैं, आपसे करवाया गया है। सबसे आसान रास्ता है इस्तीफा देकर रास्ते से हट जाओ।’
ये प्रदर्शन एसआईआर प्रक्रिया और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे हैं। इंडिया ब्लॉक ने इस मुद्दे पर अब तक कई प्रदर्शन किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि एसआईआर में गड़बड़ी हो रही है। दिल्ली पुलिस की ओर से अभी इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।









