अमेरिका ने भारत पर ‘जैसे को तैसा’ टैरिफ लगाया, अब अमेरिका में प्रोडक्ट बेचने पर 26 फीसदी देना होगा टैरिफ

April 3, 2025 12:18 PM

50 देशों के अलग-अलग दर की ट्रंप ने जारी की सूची, रूस का नाम सूची में नहीं, सबसे ज्यादा टैरिफ कंबोडिया पर लगाया

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर 26 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। यह रेसिप्रोकल टैरिफ (जैसे को तैसा टैरिफ) होगा। भारत भी अमेरिकी सामानों के आयात पर ज्‍यादा टैरिफ लगाता है, लेकिन अमेरिकी टैरिफ भारत के मुकाबले कम होगा। भारत अमेरिका पर न्‍यूनतम 52 फीसदी टैरिफ लगाता है, इसलिए अमेरिका ने इसे 26 फीसदी ही किया है। ट्रंप ने 50 देशों की सूची जारी की है, जिसमें रेसिप्रोकल टैरिफ की डिटेल लिखी हुई है। सभी 50 देशों पर आधा टैरिफ लगाया गया है। लेकिन, सबसे हैरानी सूची में रूस का नहीं होना है। रूस पर टैरिफ को लेकर ट्रंप ने किसी भी तरह का रुख स्पष्ट नहीं किया है।

डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (भारतीय समयानुसार गुरुवार को रात डेढ़ बजे) को व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में मेक अमेरिका वेल्थी अगेन (MAWA) प्रोग्राम में न्यू टेरिफ पॉलिसी पर अपनी बात रखी। लंबे समय से नए टैरिफ ऐलान का इंतजार हो रहा था। ट्रंप ने इसे ‘लिबरेशन डे’ का नाम दिया है।

ट्रंप के ऐलान के बाद व्‍हाइट हाउस से टैरिफ की पूरी सूची जारी की गई। अमेरिका ने चीन पर 34 फीसदी, यूरोपियन यूनियन पर 20 फीसदी, वियतनाम पर 46 फीसदी, जापान पर 24 फीसदी, ताइवान पर 32 फीसदी, थाईलैंड पर 36 फीसदी, कंबोडिया पर 49 फीसदी, दक्षिण अफ्रीका पर 30 फीसदी, पाकिस्‍तान पर 29 फीसदी, श्रीलंका पर 44 फीसदी टैरिफ लगाया है।

ऐलान करने हुए ट्रंप ने कहा कि ये बहुत जरूरी हो गया था। भारत को लेकर उन्‍होंने कहा कि भारत बहुत सख्त है। नरेंद्र मोदी ने हमारे साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया है। हमें उम्‍मीद थी कि वे टैरिफ घटाएंगे, लेकिन उन्‍होंने ऐसा नहीं किया। इससे पहले ट्रंप ने अमेरिकी संसद के संयुक्‍त सेशन में दावा किया था कि वे भारत में 100 फीसदी टैरिफ लगाएंगे, क्योंकि भारत 100 फीसदी टैरिफ वसूलता है।

हालांकि टैरिफ ऐलान के दौरान बुधवार को उन्‍होंने कहा कि भारत अमेरिका पर 52 फीसदी तक टैरिफ लगाता है, इसलिए अमेरिका भारत पर 26 फीसदी टैरिफ लगाएगा। हम अन्य देशों से लगभग आधे टैरिफ लेंगे जो वे हमसे वसूल रहे हैं। इसलिए टैरिफ पूरी तरह से पारस्परिक नहीं होंगे। मैं 100 फीसदी टैरिफ ले सकता था, लेकिन यह बहुत से देशों के लिए कठिन होता। हम ऐसा नहीं करना चाहते थे।

अमेरिका ऑटोसेक्टर में 25 फीसदी टैरिफ लगाएगा। अब तक अमेरिका अन्य देशों से मोटरसाइकिलों पर केवल 2.4 फीसदी टैरिफ वसूलता था। इसका मतलब करीब 10 गुना ज्‍यादा टैरिफ अब ऑटो सेक्‍टर में अमेरिका लगाने जा रहा है। बाकी देशों के मुकाबलों में अमेरिका का टैरिफ दर बहुत कम था। वहीं अगर अन्‍य देशों की बात करें तो भारत 60 फीसदी, वियतनाम 70 फीसदी कीमत वसूल रहे हैं।

अमेरिका ने टैरिफ के मामले में अब बराबरी करने की तैयारी कर ली है। अमेरिकी टैरिफ से बचने और अमेरिकी बाजार तक पहुंचने की उम्‍मीद करने वाली कंपनियों को अमेरिका में ही अपना प्रोडक्‍ट बनाना होगा। ट्रंप ने आज के दिन का आर्थिक आजादी का दिन बताया और कहा कि अब नौकरियां और कंपनियां अमेरिका में वापस आएंगी।

भारत ने यहां बना रखा था कंट्रोल रूम

ट्रंप के टैरिफ प्लान के ऐलान को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने कंट्रोल रूम बनाया हुआ है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की टीम ट्रंप के ऐलान पर नजर रखे हुए हैं। इसकी वजह यह है कि व्हाइट हाउस की तरफ से यह दावा किया गया था कि टैरिफ ऐलान के बाद से नए टैरिफ को तुरंत लागू कर दिया जाएगा। व्हाइट हाउस के प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने मंगलवार को इस संबंध में दावा किया था। इस वजह से भारत में कंट्रोल रूम बनाकर ऐलान पर नजर रखा जा रहा था। 

ईयू का टैरिफ अमेरिकी औसत से ज्‍यादा

वॉशिंगटन पोस्‍ट की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने पहले भी कई बार अमेरिकी निर्यात पर विदेशी टैरिफ की आलोचना की है। यह आयात पर अमेरिकी टैरिफ से कहीं ज़्यादा है। लेकिन एक विकसित देश के लिए, अमेरिका काफी हद तक मध्यम श्रेणी में आता है। ट्रंप ने कहा – विश्‍व व्‍यापार संगठन के अनुसार व्‍यापार-भारित आधार पर अमेरिकी टैरिफ 2.2 प्रतिशत औसत है। जापान का 1.9 प्रतिशत और यूरोपीय संघ का 2.7 प्रतिशत है। ये अमेरिकी औसत से थोड़ा ज़्यादा है।

ट्रम्प ने महामंदी का भी जिक्र किया और कहा कि टैरिफ से हटकर संघीय आयकर की ओर कदम बढ़ाना महामंदी का कारण तो नहीं, लेकिन इसमें योगदान देगा। मुझे नहीं पता कि मैंने यह बात किसी अर्थशास्त्री या इतिहासकार से सुनी भी है या नहीं।

कर्मचारी को मंच पर बुलाकर अपनी योजना का समर्थन कराया

टैरिफ पर ऐलान से पहले ट्रम्प ने ऑटोवर्कर्स फॉर ट्रम्प के संस्थापक ब्रायन पैनबेकर नामक एक कर्मचारी को अपनी योजना का समर्थन करने के लिए मंच पर बुलाया। पैनबेकर ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच  कहा – ‘नए निवेश होने जा रहे हैं। नए संयंत्र बनाए जाएंगे।’

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। 2022 से दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर के तौर पर काम किया है। इस दौरान स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन खबरें लिखीं। दैनिक भास्‍कर से पहले नवभारत, नईदुनिया, पत्रिका अखबार में 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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