नेशनल ब्यूरो,नई दिल्ली। अमेरिका ने भारत समेत 53 अन्य देशों पर जबरन श्रम यानि बंधुआ मजदूरी वाले आयात उल्लंघनों के लिए 12.5 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ (America imposed an additional tariff) प्रस्तावित किया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि राजदूत जैमिसन ग्रीर ने कहा कि अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदारों द्वारा जबरन श्रम से बने सामान के आयात को रोकने में विफलता स्वीकार्य नहीं है। इसका कारण इन देशों द्वारा जबरन श्रम से निर्मित सामान के आयात पर प्रतिबंध लगाने या लागू करने में कथित विफलता बताया गया है।यह प्रस्ताव 60 देशों पर किए गए जांच के बाद आया है, जिनमें जबरन श्रम से जुड़े आयात पर प्रतिबंध लगाने या प्रभावी रूप से लागू करने में कमी पाई गई।
लेंस एक्सप्लेनर
मान लीजिए अमेरिका की कोई कंपनी कपड़ा बनाती है। वह अपने मजदूरों को पूरी सैलरी देती है, उनके काम के घंट े तय करती है और सारे नियमो ं का पालन करती है। इस वजह से उसकी शर्ट बनाने की की लागत ₹1,000 आती है।
दूसरी तरफ, बांग्लादेश या किसी अन्य देश) मे बंधुआ या जबरन श्रम से वही शर्ट बनाई जाती है, जहा ँ मजदूरों को या तो पैसे कम दिए जाते हैं। वहां शर्ट सिर्फ ₹200 में तैयार हो जाती है। जब यह ₹200 की शर्ट भारत या दुनिया के अन्य बाजारों में बिकने आती है, तो अमेरिका की ₹1,000 वाली शर्ट को कोई नहीं खरीदता।
भारत ने किया खंडन
किर ने आगे कहा है कि इससे अमेरिकी श्रमिकों को वैश्विक स्तर पर असमान मैदान पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हम अब इस असमानता को बर्दाश्त नहीं करेंगे,” भारत ने जबरन श्रम संबंधी धारा के तहत इन आरोपों का खंडन किया है और अमेरिका से जांच बंद करने की अपील की है।
भारत का कहना है कि इस मुद्दे को चल रही द्विपक्षीय व्यापार चर्चाओं के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए।USTR के अनुसार, भारत, चीन, जापान, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और सऊदी अरब समेत 54 अर्थव्यवस्थाओं ने जबरन श्रम से बने सामान के आयात पर प्रतिबंध लगाने और प्रभावी रूप से लागू करने में विफलता दिखाई है।
इसके अलावा, कनाडा, इक्वाडोर, यूरोपीय संघ, इंडोनेशिया, मेक्सिको और पाकिस्तान में प्रतिबंध तो मौजूद हैं, लेकिन कानून अपर्याप्त हैं।ग्रीर ने कहा कि कुछ व्यापारिक साझेदारों ने USMCA और पारस्परिक व्यापार समझौतों के तहत जबरन श्रम संबंधी आयात को सीमित करने के उपाय शुरू किए हैं, लेकिन और मजबूत कार्रवाई की जरूरत है।
प्रस्ताव के अनुसार, जो देश पहले से जबरन श्रम वाले आयात पर प्रतिबंध लागू कर रहे हैं, पारस्परिक व्यापार समझौतों के तहत प्रतिबद्ध हैं, या आंशिक सुरक्षा उपाय रखते हैं, उन्हें 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगेगा।अन्य सभी अर्थव्यवस्थाओं के लिए USTR ने 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क की दर प्रस्तावित की है।
जांच में पहचाने गए 54 देशों पर यह 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लागू होगा।अलग से, USTR ने एक टेक्सटाइल तंत्र का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत चुनिंदा देशों से वस्त्र और परिधान के आयात की एक निश्चित मात्रा को कम टैरिफ दरों पर अमेरिका में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।USTR ने संबंधित पक्षों को 22 जून तक सुनवाई में शामिल होने के लिए अनुरोध और गवाही के लिए आमंत्रित किया है, जबकि लिखित टिप्पणियां 6 जुलाई तक जमा की जा सकती हैं।










