रायपुर। राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल हॉस्पिटल के एडवांस्ड कार्डियक इंस्टीट्यूट (ACI RAIPUR) में 8 महीने से बंद पड़ी हार्ट सर्जरी आखिरकार 15 अप्रैल को शुरू होने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, पिछले आठ महीनों से अस्पताल में हार्ट सर्जरी इसलिए नहीं हो पा रही थी क्योंकि जरूरी उपकरणों और सामानों का टेंडर नहीं हो पा रहा था। ज़ाहिर है टेंडर स्वास्थ्य विभाग को करना था, यानि कि सरकार को। अस्पताल प्रबंधन ने जुलाई 2025 से ही बार-बार प्रशासन को पत्र लिखकर उपकरणों की मांग की लेकिन फाइलें अटकी रहीं। नतीजा यह हुआ कि विभाग में ताला लग गया।
इस दौरान रोजाना 3 से 4 हार्ट केस अस्पताल पहुंच रहे थे। आठ महीनों में अनुमानित 800 से 900 हार्ट पेशेंट सर्जरी का इंतजार करते रहे। गंभीर हालत वाले मरीजों को एम्स रायपुर रेफर किया गया जबकि कुछ मरीजों को टेंडर पूरा होने तक इंतजार करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हार्ट सर्जरी के लिए 950 से ज्यादा अलग-अलग सामानों के टेंडर अलग-अलग कंपनियों को दिए गए हैं। अब 15 अप्रैल को पहली सर्जरी होने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली का सबसे ज्यादा असर गरीब और कम आय वाले परिवारों पर पड़ रहा है। अंबेडकर अस्पताल में अनुभवी और विशेषज्ञ डॉक्टर-सर्जन उपलब्ध हैं लेकिन जरुरी उपकरणों के अभाव में उनकी क्षमता का सदुपयोग नहीं हो पा रहा। अस्पताल के सूत्र बताते हैं कि बीते 10 साल में यहां मात्र तीन बाईपास सर्जरी ही हो पाई हैं। आखिरी हार्ट सर्जरी भी 8 महीने पहले हुई थी।
दूसरी तरफ यहाँ से और अन्य अस्पतालों से एम्स रेफर किए गए मरीजों की स्थिति और खराब है। वहां वेटिंग लिस्ट इतनी लंबी है कि इलाज के लिए भी महीनों इंतजार करना पड़ता है। अंबेडकर अस्पताल के एडवांस्ड कार्डियक इंस्टीट्यूट की बिल्डिंग का रखरखाव भी ठीक से नहीं हो रहा है।
छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
ये मामला साफ तौर पर दिखाता है कि छत्तीसगढ़ में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं। उपकरणों की कमी, टेंडर में देरी और कथित कमीशनबाजी जैसी समस्याओं ने गरीब मरीजों को निजी अस्पतालों की महंगी सेवाओं पर निर्भर कर दिया है। पूर्व विधायक देवेंद्र यादव ने आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया में लिखा कि ‘40% कमीशन के चक्कर में मेकाहारा स्थित राज्य के सबसे बड़े सरकारी हृदय उपचार केंद्र (ACI) में 8 महीने से हार्ट सर्जरी बंद पड़ी है। अस्पताल प्रबंधन ने जुलाई 2025 से लगातार प्रशासन को पत्र लिखकर उपकरणों का टेंडर करने की मांग की लेकिन सरकार और अधिकारियों के बीच फंसे कमीशन के खेल ने पूरे विभाग में ताला लटका दिया।’

बहरहाल स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते जरूरी उपकरण मुहैया नहीं कराए गए तो ऐसे मरीजों की जान खतरे में पड़ती रहेगी। अब देखना होगा कि 15 अप्रैल को सर्जरी शुरू होने के बाद व्यवस्था कितनी सुधरती है।










