NTA का जवाब, आंसर की चैलेंज करने पर फीस लेना पैसे कमाने का तरीका नहीं

लेंस डेस्क। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार को आंसर की को चुनौती देने के लिए ली जाने वाली फीस पर सफाई दी है। एजेंसी ने कहा कि यह शुल्क बेवजह की आपत्तियों को रोकने के लिए है, न कि छात्रों से पैसे कमाने के लिए।

NTA के अनुसार, अगर किसी छात्र को आंसर की में कोई जवाब गलत लगता है तो वह प्रति सवाल ₹200 फीस देकर चुनौती दे सकता है। अगर उसकी आपत्ति सही पाई जाती है तो फीस वापस कर दी जाती है। इससे न सिर्फ उस छात्र को फायदा होता है, बल्कि लाखों अन्य उम्मीदवारों का रिजल्ट भी सही हो सकता है।

NTA ने 16 अगस्त को UGC-NET के 84 विषयों की आंसर की जारी की थी। उसी दिन एजेंसी ने अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की परीक्षाएं रद्द कर दीं। इन पेपर्स में स्पेलिंग और प्रिंटिंग की गलतियां तथा पहले पूछे जा चुके सवाल दोहराए गए थे। इन्हें सिर्फ सवाल हटाकर ठीक नहीं किया जा सकता था।

तीनों विषयों की दोबारा परीक्षा सितंबर में होगी। अंग्रेजी और कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर को तथा सोशियोलॉजी की परीक्षा 10 सितंबर को आयोजित की जाएगी। दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों से कोई नई फीस नहीं ली जाएगी।

NTA पिछले कुछ समय से कई विवादों में रही है। इस साल NEET-UG परीक्षा में भी पेपर लीक के आरोप लगे थे, जिसके बाद री-एग्जाम कराना पड़ा था।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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