नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद केंद्र सरकार ने पहली बार माना है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 6 भारतीय सैनिकों की मौत हुई थी जिनमें एक अग्निवीर था। गौरतलब है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारा कोई नुकसान नहीं हुआ है।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि एक सरकार जो खुद को राष्ट्रवादी बताती है, उन नायकों को इतने लंबे समय तक सम्मान देने से इनकार कर रही है, यह शर्मनाक है।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की दीवार पर छह सैन्य कर्मियों के नाम अंकित किए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार पांच भारतीय सेना के और एक भारतीय वायुसेना का सैनिक है जिन्होंने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्तव्य पालन करते हुए प्राण त्याग दिए। यह ऑपरेशन के बाद पहली बार है जब सरकार ने इन छह कर्मियों के नाम आधिकारिक रूप से जारी किए हैं।
कांग्रेस ने शहीद सैनिकों का नाम जारी करने में हुए विलम्ब को लेकर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। गौरतलब है किऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था।
एक्स पर एक पोस्ट में कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने छह कर्मियों के नाम बताए और कहा कि वे भारत के बहादुर सपूत थे जिन्होंने राष्ट्र की गरिमा की रक्षा करते हुए और महिलाओं की इज्जत बचाते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।”उनके नामों को राष्ट्रीय चेतना में अंकित होना चाहिए था। उनकी परिवारों को एक कृतज्ञ राष्ट्र द्वारा उनके बलिदान का सम्मान करते देखना चाहिए था। लेकिन पूरे एक साल तक, भाजपा सरकार ने देश से उनके शहीद होने की बात छिपाए रखी,”
खेड़ा ने अपने पोस्ट में कहा, ‘वही सरकार जो खुद को झंडे में लपेटती है और राष्ट्रवाद की लगातार बात करती है, इन नायकों को वह सम्मान और स्मरण नहीं दे सकी जो वे डिजर्व करते थे। कितनी शर्म की बात!’
शहीदों के नाम (राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की दीवार संख्या 3डी, त्याग चक्र पर अंकित):
- सूबेदार मेजर पवन कुमार, हेडक्वार्टर 10 इन्फैंट्री ब्रिगेड
- राइफलमैन सुनील कुमार, वीर चक्र, 4 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
- लांस नायक दिनेश कुमार, 5 फील्ड रेजिमेंट
- एविएशन टेक्नीशियन मूड मुरलीनायक (अग्निवीर), 851 लाइट रेजिमेंट
- हवलदार सुनील कुमार सिंह, सेना
- सार्जेंट सुरेंद्र कुमार, भारतीय वायुसेना








