मिडटर्म हार के बाद रिपब्लिकन पार्टी में फूट, ट्रंप पर आरोप, अंदरूनी लड़ाई तेज

लेंस डेस्क। अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की ऐतिहासिक जीत के बाद रिपब्लिकन पार्टी (Republican Party)में गहरी फूट साफ दिख रही है। दोनों सदनों (हाउस और सीनेट) का नियंत्रण खोने के महज कुछ दिनों में पार्टी के अंदर दोषारोपण का सिलसिला शुरू हो गया है। कई नेता राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ईरान युद्ध, महंगाई और पार्टी नेतृत्व को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

क्या कह रहे हैं प्रमुख नेता?

उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने सबसे साफ शब्दों में कहा कि हार की मुख्य वजह ईरान युद्ध है। उन्होंने लिखा कि राष्ट्रपति ने खुद भी इसे माना है। वेंस के मुताबिक इस युद्ध ने पार्टी को कम से कम छह साल के लिए सीनेट से बाहर कर दिया उन्होंने महंगाई, जीवनयापन की लागत और अमेरिका-इजरायल संबंधों पर भी सवाल उठाए।

फ्लोरिडा के पूर्व गवर्नर रॉन डेसेंटिस ने इसे ट्रंप और कांग्रेस के खिलाफ जनता का जवाब बताया। टेक्सास सीनेटर टेड क्रूज ने कहा कि पार्टी ने आम लोगों की वास्तविक परेशानियों को नजरअंदाज किया।

कई सांसद ट्रंप द्वारा चुने गए उम्मीदवारों को भी दोष दे रहे हैं। टेक्सास, साउथ कैरोलिना, कैनसस जैसे पारंपरिक रिपब्लिकन राज्यों में डेमोक्रेट्स की जीत ने पार्टी को झकझोर दिया।

नेतृत्व में उथल-पुथल

हाउस में स्पीकर माइक जॉनसन ने खुद को नेतृत्व की दौड़ से बाहर कर लिया है। अब स्टीव स्कालीस और जिम जॉर्डन के बीच कड़ी टक्कर है। कई पदों पर चुनौतियां आ रही हैं। कुछ नेताओं ने चीफ ऑफ स्टाफ सुसी वाइल्स और डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ के इस्तीफे की मांग भी की है।

ट्रंप खुद हार को अपना नहीं मान रहे। उन्होंने कहा कि वे बैलट पर नहीं थे, इसलिए जीत नहीं हुई। अगर वे होते तो लैंडस्लाइड जीत होती। उन्होंने उम्मीदवारों पर आरोप लगाया कि वे बेस को प्रेरित नहीं कर पाए और फॉक्स न्यूज पर भी निशाना साधा। साथ ही डेमोक्रेट्स से मिलकर काम करने की बात कही।

आगे क्या?

पार्टी के अंदर 2028 के राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। वेंस, मार्को रुबियो, रॉन डेसेंटिस और टेड क्रूज जैसे चेहरे अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में दिख रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में रुबियो के इस्तीफे की भी चर्चा है।

विश्लेषकों का कहना है कि यह सिर्फ हार नहीं, बल्कि ट्रंप युग के बाद पार्टी की दिशा तय करने की लड़ाई है। MAGA गुट और पारंपरिक रूढ़िवादी खेमे के बीच मतभेद साफ हैं। कुछ ने इसे ‘सिविल वॉर’ तक बताया है फिलहाल रिपब्लिकन पार्टी में एकजुटता की जगह आरोप-प्रत्यारोप चल रहा है। आने वाले दिनों में नेतृत्व चुनाव और रणनीति तय करेगी कि पार्टी इस संकट से कैसे उबरती है।

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