भोपाल | मध्य प्रदेश के आईपीएस अधिकारी अनुराग सुजानिया ने राज्य सरकार को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने व्यक्तिगत कारण बताए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि सागर जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पद से ट्रांसफर होने के महज चार दिन बाद उन्होंने यह कदम उठाया।
27 अक्टूबर को राज्य सरकार ने सागर और देवास जिलों के कलेक्टर व एसपी का तबादला किया था। इस दौरान अनुराग सुजानिया को सागर एसपी से हटाकर भोपाल के पुलिस मुख्यालय में सहायक महानिरीक्षक (एआईजी) बना दिया गया। ट्रांसफर के समय वे सागर की बांदा शराब केस की जांच संभाल रहे थे।
बांदा में अवैध शराब पीने से आधिकारिक तौर पर कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतकों की संख्या करीब 36 तक पहुंच सकती है। इस घटना ने अवैध शराब बनाने और बेचने के नेटवर्क को उजागर किया। इसके बाद सरकार ने जिला कलेक्टर और एसपी दोनों को हटा दिया। अनुराग सुजानिया की जगह संजीव कुमार सिन्हा को सागर एसपी बनाया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अचानक हुए इस तबादले से अधिकारी खुश नहीं थे। हालांकि इस्तीफे में उन्होंने सिर्फ व्यक्तिगत कारण ही लिखा है। उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके।
अनुराग सुजानिया 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और मध्य प्रदेश कैडर से ताल्लुक रखते हैं। मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले सुजानिया ने एमटेक की डिग्री हासिल की है। उन्होंने 2 दिसंबर 2014 को आईपीएस जॉइन किया था और दिसंबर 2017 में उनकी पुष्टि हुई।
इससे पहले वे टीकमगढ़, मंदसौर, मुरैना और सागर में एसपी रह चुके हैं। यह इस्तीफा सागर शराब कांड की जांच के बीच आया है। प्रशासनिक बदलाव और अधिकारी के अचानक इस्तीफे ने पूरे मामले पर नई चर्चा शुरू कर दी है।











