लेंस डेस्क। इजराइल के हालिया आम चुनाव में विदेशी दखल के आरोपों की जांच खुफिया एजेंसी मोसाद करेगी। न्यूज चैनल 12 की रिपोर्ट के अनुसार, इस जांच में आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट भी शामिल होगी। आरोप है कि कतर सहित कुछ देशों ने मंगलवार को हुए चुनाव में अरब मतदाताओं को पैसे देकर ज्यादा वोट डलवाने की कोशिश की। इस चुनाव में अरब पार्टियों को कुल 19 सीटें मिली हैं, जो उनके इतिहास का सबसे अच्छा प्रदर्शन है।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पार्टी के नेताओं ने भी अरब पार्टियों पर गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। हालांकि, केंद्रीय चुनाव आयोग ने साफ किया है कि जांच का दायरा सीमित है। आयोग के मुताबिक, इस मामले से चुनाव के नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ा है।
जॉइंट लिस्ट गठबंधन का प्रदर्शन
सभी वोटों की गिनती के बाद जॉइंट लिस्ट गठबंधन को 11 सीटें मिली हैं। यह अरब समुदाय के अधिकारों की बात करने वाला गठबंधन है, जिसमें हदाश, ताल और बलद पार्टियां शामिल हैं।
हदाश: वामपंथी पार्टी, अरब-यहूदी समानता और फिलिस्तीन के साथ शांति की पक्षधर।
ताल: अहमद तिबी की पार्टी, अरब नागरिकों के अधिकारों और फिलिस्तीनी राज्य की समर्थक।
बलद: अरब राष्ट्रवादी पार्टी, सभी नागरिकों को समान अधिकार देने की वकालत करती है।
2026 के चुनाव में गठबंधन का नेतृत्व यूसुफ जबरीन कर रहे थे। राअम पार्टी इस बार भी अलग रही।
राजनीतिक घटनाक्रम
इजराइल में कई शहरों में यहूदी और अरब पार्टियों को मिलाकर सरकार बनाने के समर्थन में प्रदर्शन हो रहे हैं। स्टैंडिंग टुगेदर ग्रुप ने तेल अवीव, यरूशलम, बीरशेबा, हाइफा और तायबे में प्रदर्शन की घोषणा की है। यिस्राइल बेतेनु पार्टी के प्रमुख एविगडोर लिबरमैन ने साफ कहा है कि उनकी पार्टी ऐसी सरकार में शामिल नहीं होगी जिसमें आतंकवाद का समर्थन करने वाले लोग हों।
नेतन्याहू के बेटे यायर नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर अरब नागरिकों को देश के लिए बड़ा खतरा बताया। उन्होंने दावा किया कि इजराइल की 20 प्रतिशत अरब आबादी देश के दुश्मनों का समर्थन करती है।
सरकार बनाने की कोशिशें
नेतन्याहू के सहयोगी दल यूनाइटेड तोरा जूडिज्म ने विपक्षी नेता गादी आइजनकोट को प्रधानमंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया है। पार्टी के पास 7 सीटें हैं और उसने समर्थन के बदले हरेदी समुदाय को सैन्य सेवा से छूट जारी रखने की मांग की है। सरकार बनाने के लिए चुने गए नेता को शुरुआत में 28 दिन का समय मिलता है, जिसे बढ़ाकर कुल 42 दिन किया जा सकता है। बहुमत के लिए 61 सीटों का समर्थन जरूरी है।
डेमोक्रेट्स पार्टी के प्रमुख यायर गोलान ने विपक्षी दलों से अरब पार्टियों के साथ मिलकर सरकार बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अरब पार्टियों की 19 सीटों को नजरअंदाज करना लोकतंत्र के खिलाफ होगा। चुनावी नतीजों के बाद नेतन्याहू के लिए ईरान के खिलाफ नए सैन्य कदम उठाना भी मुश्किल हो सकता है, क्योंकि उनका गठबंधन बहुमत से पीछे रह गया है।











