इजराइल चुनाव नतीजे 2026 : 91% वोट गिनती के बाद अरबी पार्टी राअम को 8 सीटें, नेतन्याहू ने धांधली का आरोप लगाया

लेंस डेस्क। इज़राइल के आम चुनाव के नतीजे अभी भी पूरी तरह साफ नहीं हुए हैं। 91 प्रतिशत वोटों की गिनती के बाद अरब मूल की पार्टी राअम की सीटें बढ़कर 8 हो गई हैं। इससे पहले उसके पास 7 सीटें थीं। जॉइंट लिस्ट की सीटें 12 से घटकर 11 रह गई हैं। दोनों अरब पार्टियों के पास कुल 19 सीटें बनी हुई हैं। बाकी ब्लॉक में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन नतीजों पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि अरब पार्टियों ने चुनाव “चुरा लिया” है। उन्होंने पुलिस और शिन बेट से बड़े पैमाने पर वोट धांधली की जांच की मांग की है। चुनाव समिति ने अभी तक इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि अनियमितताएं बहुत कम पाई गई हैं।

सीटों का ताजा हाल

सेंट्रल इलेक्शन कमेटी के आंकड़ों के मुताबिक एक विवादित सीट अभी भी जॉइंट लिस्ट के पास जा रही है। पार्टियों के बीच सरप्लस वोट समझौते के कारण ऐसा हो रहा है। राअम इस सीट से करीब 1,200 वोट पीछे है।

नेतन्याहू के ब्लॉक के पास फिलहाल 53-54 सीटें बताई जा रही हैं। विपक्ष का नेतृत्व पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजनकोट कर रहे हैं। उनके पास इससे कम सीटें हैं। कोई भी पक्ष 61 सीटों का बहुमत हासिल नहीं कर पाया है। नेशनल असेंबली (नेसेट) में कुल 120 सीटें होती हैं।

विदेशी फंडिंग की जांच

शिन बेट ने अरब नागरिकों को वोट देने के लिए उकसाने वाले समूहों को विदेशी पैसे मिलने की जांच शुरू कर दी है। चैनल 12 की रिपोर्ट के अनुसार चुनाव समिति के प्रमुख जस्टिस नोअम सोलबर्ग ने खुफिया जानकारी मिलने के बाद यह जांच आदेशित की। लिकुड पार्टी का मानना है कि कतर और तुर्की इस फंडिंग के पीछे हो सकते हैं।

बाकी वोटों की गिनती जारी

अब डबल-एनवेलप बैलट की गिनती शुरू हो गई है। इनमें सैनिक, कैदी, अस्पताल में भर्ती मरीज, चिकित्सकीय कर्मचारी और विदेश में तैनात इजरायली शामिल हैं। नियमित मतदान केंद्रों में से 11,712 केंद्रों के नतीजे आ चुके हैं। इनमें 51 लाख से ज्यादा मतदाताओं के वोट गिने जा चुके हैं। बाकी बैलट अभी जांचे जा रहे हैं। अंतिम नतीजे शाम तक आ सकते हैं, लेकिन बड़े बदलाव की उम्मीद कम है।

सरकार बनाने की चुनौती

अभी कोई स्पष्ट बहुमत नहीं है। नेतन्याहू का ब्लॉक करीब 53 सीटों पर है, विपक्षी पार्टियां करीब 48 और अरब पार्टियां 19 सीटों पर हैं। अरब पार्टियां भी नेतन्याहू को सत्ता से बाहर रखना चाहती हैं।

राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने सभी पार्टियों से कहा है कि वे अलग-अलग समझौतों के लिए तैयार रहें ताकि दोबारा चुनाव न कराने पड़ें। अगले हफ्ते राष्ट्रपति किसी एक नेता को सरकार बनाने का मौका देंगे। आमतौर पर सबसे बड़ी पार्टी के नेता को मौका मिलता है, लेकिन यह जरूरी नहीं है।

गादी आइजनकोट ने कहा है कि वे सभी इजरायलियों की सेवा करने वाली सरकार बनाना चाहते हैं। उन्होंने अरब पार्टियों के साथ काम करने की बात खुलकर नहीं कही है, लेकिन खुले रहने का संकेत दिया है। जॉइंट लिस्ट ने अपने प्रदर्शन को ‘अभूतपूर्व ताकत’ बताया है और सहयोग के लिए तैयार होने की बात कही है।

आगे क्या हो सकता है

अगर सरकार बनाने के प्रयास बार-बार विफल रहे तो अगले साल फिर चुनाव हो सकते हैं। राष्ट्रपति और आइजनकोट दोनों ऐसा नहीं चाहते। कुछ विपक्षी पार्टियां जो नेतन्याहू को हटाने के लिए चुनाव लड़ी थीं, अब उनके साथ जाने का फैसला भी ले सकती हैं। बातचीत चलने तक नेतन्याहू ही प्रधानमंत्री बने रहेंगे।

एक रिपोर्ट में कहा गया है कि नवंबर में अमेरिकी चुनावों के बाद ईरान पर संभावित कार्रवाई का दबाव भी बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नेतन्याहू युद्ध की स्थिति का इस्तेमाल करके अपने नेतृत्व में एकता सरकार बनाने की कोशिश कर सकते हैं। इससे 7 अक्टूबर 2023 के हमले की जांच भी प्रभावित हो सकती है। ये नतीजे अभी आंशिक हैं। अंतिम आंकड़े आने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now