सर्बिया में सत्ता बदलते ही सरकारी टीवी चैनल ने मांगी माफी, माना- वर्षों तक सरकार के पक्ष में दिखाई खबरें

बेलग्रेड। सर्बिया (Serbia) में संसदीय चुनाव में लंबे समय से सत्ता पर काबिज अलेक्जेंडर वुचिच के गठबंधन की हार के बाद सरकारी मीडिया की भूमिका पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। उत्तरी सर्बिया के वोजवोडिना प्रांत के सार्वजनिक प्रसारक रेडियो टेलीविजन ऑफ वोजवोडिना (RTV) के कुछ कर्मचारियों ने दर्शकों से माफी मांगते हुए स्वीकार किया कि उनका संस्थान वर्षों तक सरकार के पक्ष में एकतरफा खबरें दिखाता रहा।

26 अक्टूबर को मुख्य समाचार बुलेटिन के दौरान एंकर गोरान एरोर ने कर्मचारियों की ओर से बयान पढ़ा। इसमें कहा गया कि पत्रकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहे, जरूरी सवाल नहीं पूछे और कई घटनाओं पर चुप्पी साधे रखी।

लाइव बुलेटिन में मानी गलती, वरिष्ठ संपादक ने दिया इस्तीफा

RTV के एंकर गोरान एरोर ने कहा कि संस्थान ने कई महत्वपूर्ण घटनाओं की जानकारी दर्शकों तक नहीं पहुंचाई और सत्ता से जरूरी सवाल पूछने में नाकाम रहा। उन्होंने बताया कि कुछ कर्मचारी लंबे समय से पत्रकारों और संपादकों को स्वतंत्र रूप से काम करने देने की मांग कर रहे थे, लेकिन उनके प्रयास सफल नहीं हुए। यह माफीनामा संस्थान के कुछ कर्मचारियों की ओर से जारी किया गया था।

इसके बाद RTV के मुख्य चैनल के कार्यवाहक प्रधान संपादक नेनाद चाचिच ने इस्तीफा दे दिया। उनकी जगह ब्लाजो पोपोविच को जिम्मेदारी सौंपी गई। पत्रकार संगठनों की ओर से पहले भी प्रसारक की संपादकीय स्वतंत्रता और सरकार समर्थक कवरेज को लेकर सवाल उठाए जाते रहे थे।

छात्र आंदोलन को 52.71 फीसदी वोट, वुचिच के गठबंधन को हार

सर्बिया में 25 अक्टूबर को हुए मध्यावधि संसदीय चुनाव में छात्र आंदोलन से निकली स्टूडेंट लिस्ट ने जीत दर्ज की। प्रारंभिक नतीजों के मुताबिक, उसे 52.71 फीसदी वोट और 250 सदस्यीय संसद में करीब 140 सीटें मिलीं। अलेक्जेंडर वुचिच के नेतृत्व वाले गठबंधन को 104 सीटों पर सफलता मिली।

इस आंदोलन की शुरुआत नवंबर 2024 में नोवी साद रेलवे स्टेशन की छत का हिस्सा गिरने से 16 लोगों की मौत के बाद हुई थी। हादसे के बाद सरकारी निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ छात्रों ने प्रदर्शन शुरू किए, जो बाद में सरकार विरोधी आंदोलन में बदल गए।

दूसरे मीडिया संस्थानों के खिलाफ भी प्रदर्शन

चुनावी नतीजों के बाद सरकार समर्थक माने जाने वाले दूसरे मीडिया संस्थानों के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन हुए। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शनकारी निजी चैनल इन्फॉर्मर टीवी के न्यूजरूम में घुस गए और लाइव प्रसारण बाधित कर प्रधान संपादक ड्रागन जे. वुचिचेविच से जवाब मांगा। चैनल ने इसे अपने न्यूजरूम पर हमला बताते हुए पत्रकारों को धमकाने का आरोप लगाया।

इस घटना ने सर्बिया में मीडिया की स्वतंत्रता के साथ पत्रकारों की सुरक्षा का सवाल भी खड़ा किया है। एक तरफ सार्वजनिक प्रसारक के कर्मचारियों ने वर्षों की एकतरफा रिपोर्टिंग के लिए माफी मांगी है, वहीं दूसरी तरफ मीडिया संस्थानों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों को धमकाने के आरोप सामने आए हैं।

सर्बिया की इन घटनाओं ने यह सवाल फिर सामने रखा है कि सार्वजनिक धन से चलने वाले समाचार संस्थान सत्ता के प्रति जवाबदेह हैं या जनता के प्रति। चुनावी नतीजों के बाद RTV का माफीनामा इसी बहस का अहम हिस्सा बन गया है।

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