नई दिल्ली। देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक घमासान और सुप्रीम कोर्ट में जारी सुनवाई के बीच चुनाव आयोग (EC) ने एक बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने गुरुवार को मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड सहित 17 राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची का स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) कराने का आधिकारिक निर्देश जारी कर दिया है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं।
क्या है स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) और इसका मकसद?
चुनाव आयोग के 15 पन्नों के विस्तृत आदेश के मुताबिक SSR का प्राथमिक उद्देश्य वोटर लिस्ट को पूरी तरह से अपडेट और त्रुटिहीन रखना है ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
नए मतदाताओं को मौका : 1 जनवरी 2027 को 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवाओं के अलावा 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष के होने वाले युवा भी पहले से ही नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 के जरिए आवेदन कर सकेंगे।
पारदर्शिता और निगरानी : यदि किसी मतदान केंद्र (बूथ) पर 2% से अधिक नाम हटाए जाते हैं, तो निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) को खुद मौके पर जाकर जांच करनी होगी। इसके अलावा, यदि कोई एक व्यक्ति 5 से अधिक नाम हटाने पर आपत्ति जताता है, तो भी ERO द्वारा व्यक्तिगत जांच अनिवार्य होगी।
पार्टियों को मिलेगी साप्ताहिक सूची : नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन से जुड़े सभी दावों और आपत्तियों की फिजिकल सूची हर हफ्ते मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सौंपी जाएगी।
SIR में छूटे मतदाताओं के लिए क्या है व्यवस्था?
चुनाव आयोग के SSR आदेश में SIR के दौरान मतदाता सूची से बाहर रह गए लोगों के लिए अलग से विशेष प्रक्रिया का उल्लेख नहीं है। हालांकि, जिन लोगों का नाम SIR की ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो सका था, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म-6 भरकर नाम जोड़ने का आवेदन कर सकते हैं। ERO द्वारा पात्रता की गहन जांच के बाद ही नाम जोड़ने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
मतदान केंद्रों का पुनर्गठन और दूरी के नियम
चुनाव आयोग ने सभी राज्यों को मतदान केंद्रों की संख्या और स्थानों की समीक्षा करने का निर्देश दिया है:
सामान्य तौर पर एक पोलिंग बूथ पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होने चाहिए। मतदाताओं को वोट डालने के लिए 2 किलोमीटर से अधिक दूरी न तय करनी पड़े, इसके लिए हाईराइज सोसाइटियों, रिहायशी कॉलोनियों और झुग्गी-बस्तियों में विशेष सर्वे कराकर नए बूथ बनाए जाएंगे।
अधिकारियों के तबादलों पर रोक
आयोग ने सभी संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया है कि SSR की पूरी प्रक्रिया के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), ERO और बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के पद खाली न रखे जाएं। साथ ही, चुनाव आयोग की पूर्व अनुमति के बिना इन अधिकारियों का स्थानांतरण (ट्रांसफर) नहीं किया जा सकेगा।
5 राज्यों में 2027 में विधानसभा चुनाव
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में 2027 की शुरुआत में विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन राज्यों में SSR का विस्तृत शेड्यूल अलग से जारी किया जाएगा। वहीं, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे राज्यों में मौसम की स्थिति को देखते हुए बाद में कार्यक्रम घोषित होगा।
विपक्ष का आरोप है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। बिहार से शुरू हुआ यह विवाद अब सुप्रीम कोर्ट की दहलीज तक पहुंच चुका है।










