रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर (Raipur) में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने उनके इस्तीफे की मांग करते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग स्वतंत्र संस्था होने के बावजूद केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहा है।
चुनाव आयोग को बताया सरकार का नुमाइंदा
प्रदर्शन के दौरान एक वक्ता ने कहा कि छात्र, INDIA गठबंधन के नेता और अलग-अलग संगठन ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार भाजपा कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का उदाहरण देते हुए वक्ता ने कहा कि चुनाव आयोग किसी सरकार का नहीं, बल्कि पूरे देश का होता है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व मीडिया सलाहकार विनोद वर्मा ने कहा
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार बीजेपी कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है। उन्होंने कर्नाटक, हरियाणा, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनावी गड़बड़ियों के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वोट देने का अधिकार ही लोकतंत्र की असली ताकत है। अगर यह अधिकार छिन गया तो लोकतंत्र नहीं बचेगा। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए देशभर में आंदोलन जारी रखने की बात कही।
कई राज्यों में वोटों की गड़बड़ी के आरोप
प्रदर्शन में राहुल गांधी की ओर से लगाए गए चुनावी गड़बड़ी के आरोपों का भी जिक्र हुआ। वक्ता ने दावा किया कि कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में करीब एक लाख वोटों की हेराफेरी हुई थी। उन्होंने हरियाणा में लाखों संदिग्ध वोट जोड़े जाने का आरोप भी लगाया। इसके अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए। हालांकि, इन आरोपों से चुनावी गड़बड़ी की पुष्टि नहीं होती।
‘वोट का अधिकार छिना तो लोकतंत्र नहीं बचेगा’
वक्ता ने कहा कि मतदान का अधिकार ही लोकतंत्र की बुनियाद है। अगर जनता से यह अधिकार छिन गया, तो लोकतंत्र नहीं बचेगा। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। वक्ता ने कहा कि देशभर में जारी विरोध के चलते उन्हें पद छोड़ना पड़ेगा। उन्होंने अमित शाह और नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी आंदोलन आगे बढ़ाने की बात कही।










