रायपुर। प्रसिद्ध साहित्यकार, विचारक और संपादक प्रभाकर चौबे की स्मृति में आयोजित प्रभाकर चौबे संवाद श्रृंखला का 9वां आयोजन शुक्रवार 2 अक्टूबर को रायपुर के वृंदावन हॉल में हुआ। प्रभाकर चौबे फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में इस बार ‘वर्तमान परिस्थितियों में मीडिया’ विषय पर सामूहिक विमर्श किया गया।
कार्यक्रम में साहित्य और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने मीडिया में हो रहे बदलाव, परंपरागत मीडिया की मौजूदा स्थिति और तेजी से बढ़ते सोशल मीडिया की चुनौतियों पर अपने विचार रखे।
प्रभाकर चौबे को याद करते हुए शुरू हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत प्रभाकर चौबे के स्मरण से हुई। फाउंडेशन के संयोजक जीवेश प्रभाकर ने चौबे से जुड़ी स्मृतियां साझा कीं और सामूहिक विमर्श की इस पहल के उद्देश्य पर बात रखी।
विमर्श की शुरुआत वरिष्ठ साहित्यकार और एक्टिविस्ट अरुणकांत शुक्ला ने की। इसके बाद वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सुशील त्रिवेदी, वरिष्ठ व्यंग्यकार गिरीश पंकज, व्यंग्यकार राजशेखर चौबे, प्रगतिशील लेखक संघ के सचिव नंद कुमार कंसारी, एक्टिविस्ट उमा प्रकाश ओझा और रियाज अंबर ने मीडिया से जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर अपनी बात रखी।
सोशल मीडिया के बढ़ते असर पर भी चर्चा
वक्ताओं ने परंपरागत मीडिया की दिशा और मौजूदा स्थिति के साथ सोशल मीडिया के तेजी से बढ़ते प्रभाव पर चर्चा की। सोशल मीडिया के विस्तार से सामने आ रही चुनौतियों और बदलते मीडिया माहौल पर भी विचार साझा किए गए।
कार्यक्रम के दौरान प्रभाकर चौबे से जुड़ी कई स्मृतियां भी साझा की गईं। वक्ताओं ने उनके साहित्यिक और वैचारिक योगदान को याद किया। कार्यक्रम का संचालन और आभार प्रदर्शन प्रभाकर चौबे फाउंडेशन के संयोजक जीवेश प्रभाकर ने किया। आयोजन में रायपुर के साहित्य, सामाजिक और बौद्धिक क्षेत्र से जुड़े प्रबुद्धजन मौजूद रहे।








