न्यूयॉर्क। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति दोहराई। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना साफ कहा कि आतंकवाद पर भारत की जीरो टॉलरेंस नीति बनी रहेगी।
जयशंकर ने कहा, ‘अगर सीमा पार कोई सरकार आतंकवाद में शामिल है तो उसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा। यह पूरी दुनिया के लिए चुनौती है। आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा का हमारा अधिकार बरकरार रहेगा। आतंकवाद और दोस्ती-सद्भावना साथ नहीं चल सकते। आतंकवाद फैलाने वालों को अपना रवैया बदलना होगा।’
फलिस्तीन के लिए दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन
जयशंकर ने फिलिस्तीन मुद्दे पर भी भारत का रुख साफ किया। उन्होंने दो-राष्ट्र समाधान (टू-नेशन सॉल्यूशन) का समर्थन करते हुए कहा कि इजराइल और फिलिस्तीन दोनों के लिए अलग-अलग स्वतंत्र देश होने चाहिए, ताकि दोनों पक्ष शांति और सुरक्षा के साथ रह सकें। उन्होंने बताया कि भारत फिलिस्तीनी लोगों के लिए मानवीय सहायता और राहत कार्यों में योगदान दे रहा है।
फलिस्तीन ने जयशंकर के इस बयान वाले वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी साझा किया।
समुद्री हमलों पर चिंता जताई
विदेश मंत्री ने वैश्विक संघर्षों और समुद्री सुरक्षा पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संघर्ष और टकराव दुनिया की सबसे बड़ी चिंता बने हुए हैं। शांति बनाए रखने में नाकामी सुरक्षा को कमजोर कर रही है और प्रगति के लिए खतरा पैदा कर रही है।
जयशंकर ने खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव का जिक्र करते हुए कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले जहाजों और समुद्री यात्रियों को निशाना बनाया जाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।’ उन्होंने कहा कि दुनिया लगातार खतरों और दबावों का सामना कर रही है। भारत खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा सहित इस स्थिति को सुधारने के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार है। शांति का मतलब सिर्फ युद्ध की अनुपस्थिति नहीं है।
पिछले तीन महीने में भारतीय नाविकों पर हमले
जयशंकर के भाषण से पहले पिछले तीन महीनों में कई भारतीय नाविक समुद्री हमलों में मारे गए या लापता हो गए –
8 जुलाई: ब्लैक सी में एक जहाज पर हमले में भारतीय चीफ ऑफिसर की मौत।
19 जुलाई: एक अन्य जहाज पर हमले में चार भारतीय नाविक मारे गए।
9 सितंबर: होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकर पर हमले के बाद एक भारतीय क्रू सदस्य लापता।
17 सितंबर: ओमान की खाड़ी में एक जहाज पर हमले में एक भारतीय नाविक की मौत।
पाकिस्तानी पत्रकार को फटकार
जयशंकर ने एक दिन पहले पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए भी सख्त रुख अपनाया था। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के समर्थक देश से जुड़े व्यक्ति ने तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया। आतंकवाद को सामान्य बनाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।
शुक्रवार को एक पाकिस्तानी रिपोर्टर ने भारत पर पाकिस्तान में आतंकवाद बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में जयशंकर ने कहा, “एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है।” जवाब देने के बाद वे मुस्कुराए और वहां से चले गए।
भारत-पाकिस्तान के बीच पुराना विवाद
भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद का आरोप लगाता रहा है। पाकिस्तान इन आरोपों से इनकार करता है। दोनों देशों के बीच यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार उठता रहा है।
भारत ने अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले (जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी) का मुद्दा भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया है। इसके अलावा भारत पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों और उनकी फंडिंग का मुद्दा भी लगातार उठाता रहा है।









