बंगाल SIR विवाद : चुनाव आयोग का सुप्रीम कोर्ट में जवाब, ‘TMC भी कम मार्जिन से जीती’

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी वोटर लिस्ट संशोधन को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया है। आयोग ने 31 विधानसभा सीटों पर दोबारा चुनाव कराने की मांग को खारिज करते हुए कहा है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) खुद 21 ऐसी सीटों पर जीती है, जहां जीत का अंतर वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों की संख्या से कम था।

यह जवाब TMC सांसद डेरेक ओब्रायन की याचिका पर दिया गया है। ओब्रायन ने दलील दी थी कि 31 सीटों पर जीत का मार्जिन SIR में हटाए गए नामों से कम है, इसलिए वहां दोबारा चुनाव होने चाहिए।

आयोग का क्या कहना है?

चुनाव आयोग ने आंकड़ों के जरिए दावा किया है कि लंबित अपीलों का चुनाव परिणामों पर कोई असर नहीं पड़ा। आयोग ने कहा कि ओब्रायन सिर्फ उन सीटों की चर्चा कर रहे हैं जहां उनकी पार्टी हारी है। जबकि TMC ने भी कई सीटों पर कम अंतर से जीत हासिल की है।

आयोग के अनुसार, SIR ट्रिब्यूनल के पास अभी भी 37 लाख से ज्यादा अपीलें लंबित हैं। कुल करीब 38 लाख 31 हजार अपीलें दाखिल हुई थीं। इनमें:
22 लाख 21 हजार अपीलें उन लोगों की हैं जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे, 16 लाख 10 हजार अपीलें नाम शामिल किए जाने का विरोध करने वालों की हैं। इन लोगों ने चुनाव में वोट भी डाला।

आयोग ने कहा कि SIR में 1.22 करोड़ नाम हटाने की चर्चा तो खूब होती है, लेकिन यह बात नजरअंदाज की जाती है कि इनमें से ज्यादातर नाम मृत, डुप्लीकेट, स्थानांतरित या अनुपस्थित मतदाताओं के थे। इसी वजह से ट्रिब्यूनल के सामने सिर्फ 22 लाख 21 हजार लोग ही पहुंचे।

सबसे ज्यादा अपीलें मुर्शिदाबाद जिले से आईं (7 लाख 48 हजार)। दूसरे नंबर पर मालदा है, जहां से 5 लाख 31 हजार से ज्यादा अपीलें दर्ज हुईं।

लंबित अपीलें जल्द निपटाने की योजना

चुनाव आयोग ने लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के लिए ट्रिब्यूनलों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। उसने सुझाव दिया है कि राज्य की 42 लोकसभा सीटों के बराबर 42 अपील ट्रिब्यूनल बनाए जाएं। साथ ही, सॉफ्टवेयर की मदद से पूर्व जज अपने घर से भी सुनवाई कर सकते हैं।

दोबारा चुनाव की मांग असंवैधानिक

आयोग ने 31 सीटों पर चुनाव रद्द करने की मांग को संवैधानिक दृष्टि से गलत बताया है। उसने कहा कि अगर किसी को किसी सीट के चुनाव परिणाम पर आपत्ति है तो संविधान के अनुच्छेद 329(बी) के तहत हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की जा सकती है। सीधे सुप्रीम कोर्ट से चुनाव रद्द करने की मांग करना सही तरीका नहीं है।

चुनाव आयोग का यह जवाब बंगाल में SIR प्रक्रिया और चुनाव परिणामों को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच आया है। अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले में आगे की सुनवाई करेगा।

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