नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में बना मौसम का सिस्टम अब डिप्रेशन में बदल गया है। इंडियन मेटोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) के मुताबिक, सोमवार शाम यह सिस्टम पश्चिम-मध्य और उससे लगे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में करीब 17.7 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 87.8 डिग्री पूर्वी देशांतर के पास था। यह पुरी से करीब 310 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और गोपालपुर से करीब 310 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे में यह डीप डिप्रेशन में बदल सकता है और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक, यह सिस्टम 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की सुबह के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट के बीच डीप डिप्रेशन के रूप में तट पार कर सकता है। फिलहाल इसे चक्रवात नहीं कहा गया है। अगर सिस्टम आगे बढ़कर चक्रवाती तूफान की ताकत हासिल करता है तो इसका नाम ‘अरनब’ रखा जाएगा। अभी इसकी ताकत और रास्ते पर मौसम विभाग लगातार नजर बनाए हुए है।
इसका असर सिर्फ समुद्र तट तक सीमित नहीं रहने वाला है। उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश में 22 से 24 सितंबर और दक्षिण ओडिशा में 22 से 25 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में बेहद भारी बारिश की भी चेतावनी है। इसके अलावा तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के अंदरूनी हिस्सों में भी बारिश का दौर बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।
समुद्र में भी मौसम खराब रहने की आशंका है। बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। उत्तर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों के पास समुद्र 24 सितंबर तक खुरदरा से बहुत खुरदरा रह सकता है। ऐसे में मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। फिलहाल लोगों को मौसम विभाग के स्थानीय अलर्ट पर नजर रखने और भारी बारिश के दौरान जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।








