लंबे समय से बिल जमा नहीं होने पर CSPDCL ने रायपुर नगर निगम के कई भवनों की बिजली सप्लाई काटी, इंजीनियरों ने की पुष्टि
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों पर बिजली बिल का बकाया 3 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा पहुंच चुका है। इस बड़े बकाये के बीच राजधानी रायपुर में बिजली कंपनी ने करीब 25 लाख रुपए के लंबे समय से लंबित बिजली बिल के चलते नगर निगम के कई भवनों की बिजली सप्लाई बंद कर दी है।
छत्तीसगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) के इंजीनियरों ने नगर निगम के भवनों की बिजली सप्लाई काटे जाने की पुष्टि की है।
जानकारी के मुताबिक, रायपुर नगर निगम के संबंधित भवनों का बिजली बिल लंबे समय से बकाया था। बकाया राशि करीब 25 लाख रुपए तक पहुंचने के बाद बिजली कंपनी ने भुगतान नहीं होने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई की।
नगर निगम के भवनों की बिजली सप्लाई बंद किए जाने की कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब प्रदेश के सरकारी विभागों के हजारों बिजली कनेक्शनों पर बड़ी राशि लंबे समय से बकाया है। बिजली कंपनी ने सरकारी संस्थानों से बकाया राशि की वसूली के लिए कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू की है।
42 सरकारी विभागों के 1.57 लाख कनेक्शनों पर 3,035 करोड़ बकाया
सरकारी विभागों के बिजली बिल बकाये को लेकर सामने आए आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 42 शासकीय विभागों के 1,57,341 बिजली कनेक्शनों पर कुल करीब 3,035.37 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया है।
इन आंकड़ों में सबसे ज्यादा बकाया नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का है। विभाग के 19,060 बिजली कनेक्शनों पर करीब 1,525.18 करोड़ रुपए की राशि बकाया बताई गई है।
इसके बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का नंबर है। विभाग के 57,075 कनेक्शनों पर करीब 1,057.56 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया है।
इस तरह अकेले नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के बिजली बिल का बकाया 2,582 करोड़ रुपए से ज्यादा है। यह सरकारी विभागों पर कुल करीब 3,035 करोड़ रुपए के बकाये का लगभग 85 प्रतिशत है।
नगर निगम के 25 लाख के बकाये पर कार्रवाई
प्रदेश स्तर पर सरकारी विभागों के बड़े बकाये के बीच रायपुर नगर निगम के भवनों पर करीब 25 लाख रुपए की बकाया राशि को लेकर बिजली कंपनी ने कार्रवाई की है।
CSPDCL के इंजीनियरों के मुताबिक नगर निगम के संबंधित भवनों का बिजली बिल लंबे समय से जमा नहीं हुआ था। भुगतान लंबित रहने के बाद बिजली सप्लाई बंद की गई।
नगर निगम के अलग-अलग भवनों में बिजली कनेक्शन और उनके बिल अलग-अलग हो सकते हैं। ऐसे में सामने आया करीब 25 लाख रुपए का बकाया नगर निगम से जुड़े संबंधित कनेक्शनों का बताया जा रहा है।
दूसरे विभागों पर भी करोड़ों का बकाया
सरकारी विभागों में बिजली बिल का बकाया सिर्फ नगरीय प्रशासन और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तक सीमित नहीं है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 482 कनेक्शनों पर करीब 111.42 करोड़ रुपए, स्कूल शिक्षा विभाग के 36,304 कनेक्शनों पर करीब 83.39 करोड़ रुपए, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के 3,399 कनेक्शनों पर करीब 40.70 करोड़ रुपए और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के 5,264 कनेक्शनों पर करीब 32.56 करोड़ रुपए बकाया बताया गया है।
इसी तरह अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग के कनेक्शनों पर करीब 30.95 करोड़ रुपए, महिला एवं बाल विकास विभाग के 21,978 कनेक्शनों पर करीब 28.57 करोड़ रुपए और जल संसाधन विभाग के 1,595 कनेक्शनों पर करीब 28.47 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया है।










