नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी के एक स्कूल में शिक्षक दिवस पर हुए विवाद के बाद छात्रों ने हेडमास्टर को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा है और स्कूल में तोड़ फोड़ की है। पुलिस ने जैसे तैसे हेडमास्टर को बचाया और अस्पताल पहुंचाया। बताया जाता है कि स्कूल में शिक्षक दिवस को लेकर आयोजित कार्यक्रम में हंगामा हो गया। पुलिस ने हेडमास्टर धर्मचंद बरुई को बचाया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। छात्रों ने प्रधानाध्यापक के खिलाफ अपना गुस्सा निकाला। हालांकि, हेडमास्टर ने इस घटना के कारण के बारे में कुछ भी नहीं कहा है। घटना का वीडियो चौंकाने वाला है।
यह घटना मंगलवार दोपहर की बतायी जा रही है। जलपाईगुड़ी जिला विद्यालय में शिक्षक दिवस के विशेष भोज का आयोजन था। जलपाईगुड़ी के इस विद्यालय में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति रही। हेडमास्टर आगे दौड़ रहे हैं। विद्यालय के विद्यार्थियों का एक समूह उनके पीछे दौड़ रहा है। तभी पीछे से कोई ज़ोरदार धक्का लगता है। हेड मास्टर ज़मीन पर गिर पड़ते हैं। फिर छात्र उनपर टूट पड़ते हैं। इतने में पुलिस आ जाती है और उन्हें उठाती हैं। तब तक प्रधानाध्यापक के सिर से खून बह रहा होता है।
आरोप है कि हेडमास्टर ने कार्यक्रम के दौरान एक कमरे में बैठे कुछ छात्रों की बेरहमी से पिटाई कर दी। इससे कई छात्र घायल हो गए। यह भी आरोप है कि कुछ छात्र बुरी तरह घायल हो गए और उनके शरीर से खून बहने लगा। छात्रों की हुई बेरहमी से पिटाई के बाद कुछ छात्र उग्र हो गये और स्कूल में तोड़फोड़ करने लगे। इसी दौरान हेड मास्टर पर भी छात्रों ने हमला किया। छात्रों ने हेडमास्टर के सिर में गंभीर चोट पहुंचाई, जिससे उनकी नसें फट गईं हैं।
स्कूल में काफी देर तक तोड़फोड़ जारी रहा। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से स्थिति सामान्य हुई। स्कूल के शिक्षक भी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। स्थानीय मीडिया से बात करते हुए एक शिक्षक ने कहा कि वो समझ नहीं पा रहे हैं कि यह सब कैसे हुआ। उनका कहना है कि उन्हें नहीं पता कि हेडमास्टर ने कमरे में बैठे छात्रों की क्यों पिटाई की। उन्होंने कहा कि इस घटना से स्कूल का माहौल पूरी तरह बिगड़ गया है।










