उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक समेत देश के विभिन्न राज्यों की प्रयोगशालाओं में हुई जांच में कई नामी फार्मा कंपनियों की दवाएं ‘Not of Standard Quality’ (NSQ) यानी गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) द्वारा जारी जुलाई 2026 के आंकड़ों के अनुसार, देशभर की राज्य प्रयोगशालाओं ने कुल 199 दवा सैंपलों को मानकों के विपरीत पाया है। इसमें से 45% से अधिक खराब सैंपल केवल तीन राज्यों—उत्तर प्रदेश (51), तमिलनाडु (26) और कर्नाटक (16)—से रिपोर्ट किए गए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी दवा का NSQ घोषित होना हमेशा केवल निर्माण की गड़बड़ी के कारण नहीं होता। तापमान में बदलाव, परिवहन के दौरान सही ढंग से रखरखाव न होना, मेडिकल स्टोर या गोदामों में भंडारण की खराबी और लैब जांच के अलग-अलग तरीकों के कारण भी दवाइयों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
दवा बाजार के कुल आंकड़ों को देखें तो लगभग 97% दवाएं पूरी तरह सुरक्षित और मानक के अनुरूप पाई जाती हैं, जबकि 2.5% से 3% दवाएं ही जांच में विफल होती हैं।
जांच रिपोर्ट में घरेलू और बहुराष्ट्रीय कंपनियों की जो मुख्य दवाएं गुणवत्ता मानकों पर विफल पाई गई हैं, उनकी सूची और उनके उपयोग की जानकारी इस प्रकार है:
उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और अन्य राज्यों की लैब्स में निष्फल (NSQ) पाई गई दवाएं और उनके उपयोग:
Zydus Healthcare: Diclofenac Sodium and Paracetamol Tablets IP (जांच राज्य: Uttar Pradesh)
उपयोग/लक्षण: यह दवा मुख्य रूप से दर्द और बुखार को कम करने के लिए दी जाती है। इसका उपयोग जोड़ों के दर्द (आर्थराइटिस), मांसपेशियों के खिंचाव, दांत दर्द, सिरदर्द और शरीर में सूजन व दर्द से राहत पाने के लिए किया जाता है।
Lupin: Levofloxacin Tablets IP 500 mg (जांच राज्य: Uttar Pradesh)
उपयोग/लक्षण: यह एक एंटीबायोटिक दवा है, जिसका उपयोग शरीर में बैक्टीरिया के कारण होने वाले संक्रमणों (Bacterial Infections) के इलाज में किया जाता है। यह मुख्य रूप से फेफड़ों के संक्रमण (निमोनिया), साइनस, मूत्र मार्ग (UTI), त्वचा और प्रोस्टेट संक्रमण में दी जाती है। इस दवा के साथ सबसे खतरनाक बात यह है कि यदि डॉक्टर ने निमोनिया या मूत्र मार्ग के संक्रंमण के लिये दिया है तो दवा के काम न करने वह गंभीर रूप धारण कर लेगा। उस समय डॉक्टर को भी कुछ समझ में नहीं आयेगा तब मरीजों को रिजर्व में रखें गये उच्च एंटीबायोटिक के इंजेक्शन देनने पड़ेगें। हो सकता है कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़े.
J B Chemicals & Pharmaceuticals: Nifedipine Sustained Release Tablets IP 10mg (जांच राज्य: Uttar Pradesh)
उपयोग/लक्षण: यह दवा उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) को नियंत्रित करने और सीने में दर्द (एंजाइना) को रोकने के लिए दी जाती है। यह रक्त वाहिकाओं को आराम पहुंचाकर शरीर में रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाती है। यदि कोई मरीज इसे लगातार ले रहा है और बीच में NSQ दवा आ गई तो उच्च रक्तचाप एकदम से बढ़ जायेगा। तब डॉक्टरको यह समझ में ही नहीं आयेगा कि आखिर किस कारण से रक्तचाप बढ़ गया है। परेशान तो मरीज को ही होना है, दवा कंपनी को नहीं।
Dabur India: Hajmola Regular (जांच राज्य: Uttar Pradesh)
उपयोग/लक्षण: यह एक आयुर्वेदिक पाचक टैबलेट है, जिसका उपयोग पाचन क्रिया को सुधारने, पेट गैस, अपच, भारीपन और बदहजमी जैसी समस्याओं से राहत पाने के लिए किया जाता है।
Ipca Laboratories: Aceclofenac 100 mg, Serratiopeptidase 15 mg & Paracetamol 325 mg Tablets (जांच राज्य: Uttar Pradesh)
उपयोग/लक्षण: यह संयोजन दवा गंभीर दर्द, सूजन और बुखार के इलाज में इस्तेमाल होती है। इसका उपयोग हड्डियों और जोड़ों के दर्द, चोट या सर्जरी के बाद होने वाले दर्द और मसूड़ों या गले में सूजन व दर्द को कम करने के लिए किया जाता है।
Cadila Pharmaceuticals: Dexamethasone Tablets IP 0.5 mg (जांच राज्य: Uttar Pradesh)
उपयोग/लक्षण: यह एक स्टेरॉयड दवा है, जिसका उपयोग शरीर में गंभीर एलर्जिक रिएक्शंस, अस्थमा, गठिया, त्वचा रोगों और प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) से जुड़ी समस्याओं में सूजन कम करने के लिए किया जाता है। अब सोचिये कि यदि किसी दमा मरीज को यह इंजेक्शन अन्य Broncho-dialater के साथ दिया जा रहा है तो इस दवा के काम न करने की स्थिति में Injection Adrenaline देने के अलावा कोई रास्ता नहीं रह जायेगा। यह Injection Adrenaline एक अति-इमरजेंसी दवा है।
Alkem Health Sciences (Unit of Alkem Laboratories Ltd): Amoxicillin and Potassium Clavulanate Tablets IP (जांच राज्य: Uttar Pradesh)
उपयोग/लक्षण: यह एक मजबूत एंटीबायोटिक दवा है, जो कान, नाक, गले, श्वसन तंत्र (फेफड़ों), मूत्र मार्ग और त्वचा के जिद्दी बैक्टीरियल इन्फेक्शन को ठीक करने के लिए डॉक्टरों द्वारा दी जाती है। इसे यदि श्वसन तंत्र के संक्रमण के लिये दिया जा रहा है तो ककाम न करने की स्थिति में निमोनिया हो सकता है।
Alkem Health Sciences (Unit of Alkem Laboratories Ltd): Cefixime Tablets IP (जांच राज्य: Uttar Pradesh)
उपयोग/लक्षण: यह भी एक एंटीबायोटिक दवा है, जिसका उपयोग टाइफाइड बुखार, कान के संक्रमण, गले में खराश व टॉन्सिल, और फेफड़ों व मूत्र मार्ग के बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज में होता है।
Alkem Health Sciences (Unit of Alkem Laboratories Ltd): Pantoprazole Gastro-Resistant Tablets IP 40 mg (जांच राज्य: Tamil Nadu)
उपयोग/लक्षण: यह दवा पेट में अत्यधिक एसिड (अम्ल) बनने की समस्या को कम करती है। इसका उपयोग एसिड रिफ्लक्स (एसिडिटी), पेट के अल्सर, सीने में जलन और GERD के इलाज के लिए किया जाता है।
Alkem Health Sciences (Unit of Alkem Laboratories Ltd): Pantoprazole Gastro-Resistant and Domperidone Prolonged-Released Capsules IP (जांच राज्य: Karnataka)
उपयोग/लक्षण: यह संयोजन दवा एसिडिटी के साथ-साथ मतली, उल्टी, पेट में भारीपन और खट्टी डकारों की समस्या में दी जाती है। यह भोजन को पेट में सही तरीके से आगे बढ़ाने में भी मदद करती है।
Sanofi India: Glimepiride Tablets IP (जांच राज्य: Tamil Nadu)
उपयोग/लक्षण: यह दवा टाइप-2 डायबिटीज (मधुमेह) के मरीजों में ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने के लिए दी जाती है। यह अग्न्याशय (Pancreas) से इंसुलिन की मात्रा को बढ़ाने में मदद करती है।यदि यह दवा काम न करें तो मनीज का शुर लेवल कैसे बढ़ जायेगा यह किसी को समझ में नहीं आयेगा।
GlaxoSmithKline Pharmaceuticals: Betamethasone Valerate and Neomycin Skin Cream (जांच राज्य: Karnataka)
उपयोग/लक्षण: यह एक त्वचा क्रीम है, जिसका उपयोग त्वचा के दाने, एक्जिमा, सोरायसिस और बैक्टीरियल स्किन इन्फेक्शन के कारण होने वाली लालिमा, खुजली और सूजन को ठीक करने के लिए किया जाता है।
Bengal Chemicals & Pharmaceuticals (PSU): Omeprazole Gastro-Resistant Capsules IP 20 mg (जांच राज्य: West Bengal)
उपयोग/लक्षण: यह दवा पेट में एसिड बनने से रोकती है। इसका उपयोग पेट के छाले (अल्सर), खट्टी डकारें, सीने में जलन और अत्यधिक गैस बनने की शिकायत में राहत देने के लिए किया जाता है।
Kerala State Drugs Pharmaceuticals Ltd (PSU): Diclofenac Sodium Tablets IP 50 mg (जांच राज्य: Kerala)
उपयोग/लक्षण: यह एक दर्द निवारक (Painkiller) दवा है, जिसका उपयोग जोड़ों के दर्द, गठिया, पीठ दर्द, मांसपेशियों में ऐंठन और किसी भी प्रकार की चोट या सर्जरी के बाद होने वाले दर्द से राहत के लिए किया जाता है।
केंद्रीय प्रयोगशालाओं (Central Laboratories) ने भी अलग से 40 दवा सैंपलों को NSQ घोषित किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय और CDSCO दवा गुणवत्ता की नियमित निगरानी कर रहे हैं ताकि बाजार में केवल सुरक्षित और असरदार दवाएं ही मरीजों तक पहुंचें।
गौरतलब है कि दवा एक ऐसी वस्तु है जिसे कोई भी अपने इच्छा से नहीं खरीदता है। इसे डॉक्टर के कहने पर खरीदा तथा लिया जाता है।
उपर जिन दवाओं का नाम दिया गया है उसमें से एक हाजमोला को छोड़कर सभी जीवन-रक्षक तथा आवश्यक दवायें हैं।
इस कारण से सरकार की भी जिम्मेदारी है कि समाचार-पत्रों तथा सोशल मीडिया से इन दवाओं की सूचना इनके बैच नंबर सहित प्रसारित की जाये ताकि मरीज तुरंत इनका इस्तेमाल बंद करके दूसरी दवा के लिये डॉक्टर के पास जाये।
हालांकि NSQ दवाओं को बाजार से उठा लिया जाता है परन्तु जो दवा बिक चुकी है उसका मरीज अनजाने में उपयोग न करे, यह भी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी राज्य तथा केन्द्र सरकार की है। इसका पूरा खर्च दवा कंपनियों से या जो भी इसके लिये उत्तरदायी है उससे वसूला जाना चाहिये। बिल्ली के गले में घंटी नहीं बाधेगें तो नुकसान पहुंचा कर भाग खड़ी होगी।
यह भी पढ़ें: एक जैसे नाम और रूप वाली दवाइयाँ बन सकती हैं जानलेवा, सेंट्रल रजिस्ट्री बनाने की उठी मांग










