नई दिल्ली। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने बुधवार को दावा किया कि दिल्ली पुलिस के दो कांस्टेबल पूर्व नौकरशाह आशीष जोशी (Ashish Joshi) को नेहरू पार्क में उनकी सुबह की सैर के दौरान ले गए हालांकि देर शाम आशीष जोशी लौट आए है।
दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक तौर पर जोशी की हिरासत या गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है और न ही संदीप दीक्षित के आरोप पर कोई बयान जारी किया है।
आज सबेरे उस वक्त सनसनी फैल गई जब रिटायर्ड एडिशनल सेक्रेटरी आशीष जोशी टहलने तो गए पर घर नहीं लौटे।
संदीप दीक्षित ने दावा किया कि जोशी उनके करीबी मित्र हैं, जो कुछ महीने पहले अतिरिक्त सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।उन्होंने सुबह उन्हें फोन किया था लेकिन वे कॉल नहीं उठा पाए।जब उन्होंने वापस कॉल किया तो जोशी का फोन बंद था।
संदीप दीक्षित ने एक वीडियो बयान में दावा किया, ‘एक चश्मदीद गवाह जो उनके साथ टहल रहा था, उसने परिवार को बताया कि दो पुलिसकर्मी आए और कहा कि उन्हें आशीष को एक हालिया ट्वीट के संबंध में पूछताछ के लिए ले जाना है।’
कांग्रेस नेता के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने जोशी से कहा कि वे उन्हें न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित स्पेशल सेल पुलिस स्टेशन ले जा रहे हैं और उन्हें उनकी अपनी कार में बैठा लिया।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि जोशी की कार बाद में न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस स्टेशन पर खड़ी मिली।
संदीप दीक्षित ने कहा, ‘हमने वहां लोगों को भेजा, जिनमें वकील भी शामिल थे, लेकिन कोई भी यह बताने को तैयार नहीं था कि जोशी कहां हैं। जानकारी मिल रही है कि जोशी से एक ट्वीट के संबंध में पूछताछ की जा रही है जिसमें उन्होंने दावा किया था कि गृह सचिव की अनिच्छा के बावजूद शाह ने जंतर मंतर पर पैलेट गन चलाने का आदेश दिया था।’










