श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अलग-अलग प्रदर्शनों के चलते सियासी माहौल गरमा गया। दोनों दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने मुद्दे उठाए। स्थिति को देखते हुए श्रीनगर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और प्रमुख इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर BJP कार्यालय की ओर मार्च का ऐलान किया था। पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार ने संसद और सुप्रीम कोर्ट में जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे को लेकर जो आश्वासन दिए थे, उन्हें पूरा किया जाना चाहिए। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने संवैधानिक गारंटी, राज्य का दर्जा बहाल करने, आरक्षण से जुड़ी लंबित फाइल को मंजूरी देने और जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ न्याय की मांग उठाई।
BJP ने भी निकाला विरोध प्रदर्शन

नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रदर्शन के जवाब में BJP ने भी अपना प्रदर्शन किया। पार्टी ने उमर अब्दुल्ला सरकार को बिजली की बढ़ी दरों और युवाओं में बेरोजगारी के मुद्दे पर घेरा। BJP नेताओं का कहना है कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं को रोजगार और सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता की जरूरत है। पार्टी ने सरकार पर आम लोगों से जुड़े मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
रोजगार को लेकर BJP ने सरकार को घेरा
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि BJP का प्रदर्शन पहले से तय था और इसका मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के आम लोगों की समस्याओं को उठाना है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा है। BJP ने सरकारी नियुक्तियों में पारदर्शिता की मांग भी दोहराई।
NC ने पुलिस पर लगाया भेदभाव का आरोप

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने आरोप लगाया कि उसके शांतिपूर्ण प्रदर्शन को पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। पार्टी का कहना है कि उसके कार्यकर्ताओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोका गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। NC ने दावा किया कि दूसरी ओर BJP को श्रीनगर में सचिवालय की ओर मार्च करने की अनुमति दी गई।
श्रीनगर में बढ़ाई गई सुरक्षा

दोनों दलों के एक ही दिन प्रदर्शन के चलते श्रीनगर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। प्रमुख सड़कों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया। प्रशासन की कोशिश रही कि दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने न आएं और कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी रहे।
राज्य के दर्जे और रोजगार पर सियासत तेज
जम्मू-कश्मीर में इन प्रदर्शनों के बाद राज्य के दर्जे की बहाली, संवैधानिक अधिकार, रोजगार, बिजली की दरों और सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता जैसे मुद्दे एक बार फिर सियासत के केंद्र में आ गए हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस जहां राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर केंद्र पर दबाव बना रही है, वहीं BJP उमर अब्दुल्ला सरकार को रोजगार और बिजली जैसे स्थानीय मुद्दों पर घेर रही है।










